पटना : राज्य के नगर निकायों को अब उनके कार्यों के प्रदर्शन के आधार पर राशि मिलेगी। जो भी शहरी एवं स्थानीय निकाय (अर्बन-लोकल बॉडीज) बेहतर प्रदर्शन करेंगे या अपने संसाधनों को जुटा सकेंगे, वे अतिरिक्त राशि के लिए पात्र होंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार 2 सितंबर, 2026 को आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में इससे संबंधित एजेंडे पर मुहर लगी। मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 27 एजेंडों पर अंतिम रूप से मुहर लगी। नगर निकायों से संबंधित इस अहम फैसले की पूरी जानकारी सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने दी। उन्होंने कहा कि जो शहरी स्थानीय निकाय (अर्बन लोकल बॉडीज) बेहतर प्रदर्शन करेंगे या अपने संसाधनों को बेहतर तरीके से जुटा सकेंगे, वे अतिरिक्त राशि के लिए पात्र होंगे।

मंत्री ने बताया कि 15वें वित्त आयोग का कार्यकाल इस वर्ष 31 मार्च को समाप्त हो गया है। अब 16वें वित्त आयोग के माध्यम से राशि का वितरण हो रहा है। इसके तहत सभी 264 नगर निकायों के लिए आगामी 5 वर्षों के लिए करीब 9 हजार 169 करोड़ रुपये के राशि की स्वीकृति मंत्रिपरिषद की बैठक में दी गई। 15वें और 16वें वित्त आयोग में मुख्य रूप से दो प्रमुख बदलाव आए हैं। आवंटन की 90 फीसदी राशि का आधार अभी भी जनसंख्या ही है। 15वें वित्त आयोग में जो 10 फीसदी राशि क्षेत्रफल के आधार पर दी जाती थी। उसे अब संशोधित करके प्रदर्शन आधारित बना दिया गया है। इसके अलावा नए शहरों के जुड़ने या ग्रामीण क्षेत्रों से शहरीकरण बढ़ने पर दो हजार रुपये प्रति व्यक्ति के आधार पर वन टाइम इंसेंटिव ग्रांट का नया प्रावधान भी जोड़ा गया है। साथ ही पटना नगर निगम के लिए विशेष आधारभूत संरचना घटक के तहत वेस्ट वाटर मैनेजमेंट (अपशिष्ट जल प्रबंधन) के लिए लगभग 5 हजार करोड़ रुपये की योजना का प्रावधान है, जिसमें 60 फिसदी राशि केंद्र सरकार से प्राप्त होगी। 9 हजार 169 करोड़ में 50 फीसदी राशि वेस्ट वाटर मैनेजमेंट पर खर्च होगी। शेष 50 फीसदी राशि यूएलबी (शहरी एवं स्थानीय निकाय) के लिए चिन्हित किए गए 18 कार्यों पर खर्च होगी।
मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना को मिला विस्तार
नगर विकास एवं आवास मंत्री श्री मिश्रा ने कहा कि दूसरे प्रमुख एजेंडा के तहत राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना को फिर से वित्तीय वर्ष 2030-31 तक के लिए स्वीकृत किया गया है। यह योजना वर्ष 2024 में शुरू की गई थी, जिसके तहत विधायकों और विधान पार्षदों की अनुशंसा पर शहरी क्षेत्रों में विकास कार्य चुने जा रहे थे। चुनाव के कारण आचार संहिता लागू होने के कारण कई योजनाओं की प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिल सकी थी। इसलिए इसे फिर से लागू किया गया है। इस योजना के तहत प्रतिवर्ष 500 करोड़ रुपये का आवंटन होगा। प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता वाली जिला संचालन समिति को इन योजनाओं के चयन, संशोधन और तीन गुणा अधिक राशि की योजनाओं को चुनने का अधिकार होगा। पूर्व में इसके बहुत ही सकारात्मक परिणाम आए थे, जिसे देखते हुए राज्य सरकार ने इसे आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है।
बिहार राज्य बकरी पालक सहकारी फेडरेशन लिमिटेड का गठन
बिहार राज्य बकरी पालक सहकारी फेडरेशन लिमिटेड के गठन की स्वीकृति मिली है। वित्तीय वर्ष 2026-27, 2027-28 और 2028-29 के लिए 14 करोड़ 79 लाख 50 हजार रुपये की स्वीकृति भी मंत्रिपरिषद से प्रदान की गई है। इस प्रस्तावित फेडरेशन के माध्यम से बकरी पालकों को मीट, दूध एवं अन्य उत्पादों के संग्रहण, प्रसंस्करण और विपणन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही चारा, टीका, औषधि, प्रशिक्षण एवं तकनीकी सहायता की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। इससे बकरी पालकों को उचित मूल्य मिल सकेगा। इसके अलावा 2026-27 में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत दो हिफर (बछिया-पाड़ी) केंद्रों की स्थापना की जाएगी। बक्सर के डुमरांव और मुंगेर में स्थापित होने वाले इन केंद्रों में 500-500 ङिपर के पालन की व्यवस्था की जाएगी। इन केंद्रों की स्थापना के लिए 4.55 करोड़ रुपये की स्वीकृति भारत सरकार के स्तर की गई है। इस योजना में 68 करोड़ 92 लाख रुपये का व्यय राज्य स्कीम सात निश्चय-3 के अंतर्गत किया जाएगा।
राज्य में लागू होगी ई-कैबिनेट प्रणाली
राज्य में ई-कैबिनेट प्रणाली लागू करने में 2.75 करोड़ रुपये के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई है। इस प्रणाली के लागू होने से कैबिनेट में सभी विभागों से फाइलें ऑनलाइन माध्यम से ही आएंगी। इसके अलावा सीतामढ़ी के परसौनी-सीतामढ़ी रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित लेवल क्रॉसिंग संख्या 56 के बदले सड़क उपरि पुल (आरओबी) कार्य के अंतर्गत पहुंच पथ निर्माण कार्य के लिए राज्यांश राशि 100 करोड़ 49 लाख तथा रेलवे अंश का 9 करोड़ 92 लाख रुपये समेत कुल 110 करोड़ 42 लाख रुपये की अनुमानित लागत की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अलावा बेगूसराय के बरौनी अंचल के मल्हीपुर मौजा में 700 एकड़ गैरमजरूआ जमीन औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना के लिए उद्योग विभाग को ट्रांसफर की गई है। वहीं, बिहार कार्यालय परिचारी या परिचारी (विशिष्ट) नियमावली, 2023 के प्रावधानों के तहत 16 नए पदों के सृजन पर राज्य मंत्रिपरिषद की स्वीकृति प्रदान की गई है।
रामफल मंडल और पं राजकुमार शुक्ल की जयंती पर होगा राजकीय समारोह
मंत्रिमंडल की बैठक में भारत छोड़ो आंदोलन के महान आंदोलनकारी अमर शहीद रामफल मंडल की शहादत दिवस यानी प्रत्येक वर्ष 23 अगस्त को सीतामढ़ी जिले में राजकीय समारोह के आयोजन को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके अलावा स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी एवं चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार पंडित राजकुमार शुक्ल की जयंती प्रत्येक वर्ष 23 अगस्त को पश्चिम चंपारण में राजकीय समारोह के तौर पर मनाई जाएगी। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 से दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय के अंतर्गत विक्षिप्त या रूग्ण लोगों के लिए पूर्णिया और गयाजी में 50-50 बेड की आवासीय क्षमता का दो अतिरिक्त आसरा गृह संचालित किया जाएगा। दोनों गृहों के लिए 1.43 करोड़ रुपये की वार्षिक मंजूरी दी गई है।