पटना : राज्य के बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्रों बक्सर और भागलपुर को सीधे तौर पर जोड़ने के लिए एक नई छह लेन सड़क का निर्माण कराया जाएगा। इस ग्रीन फील्ड सड़क की लंबाई 336 किमी होगी। इसके निर्माण की मंजूरी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज 19 अगस्त, 2026 बुधवार को आयोजित राज्य कैबिनेट की बैठक में दी गई। कैबिनेट में 13 एजेंडों पर मुहर लगी। इन निर्णयों के बारे में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के सचिव मो. सोहेल ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह सड़क पीपीपी मोड पर राज्य सरकार पूरी तरह से अपने खर्चे पर बनाएगी। यह सड़क बक्सर से शुरू होगी और भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, मुंगेर, शेखपुरा, बांका, गया, नवादा, जमुई से लखीसराय होते हुए भागलपुर पहुंचेगी। इन शहरों से इस सड़क के गुजरने से पूरे इलाके की आधारभूत संरचना और कृषि क्षेत्र का विकास होगा।
मुख्य बिन्दू :
इस छह लेन सड़क की लंबाई होगी 336 किमी
पीपीपी मोड पर राज्य सरकार अपने बलबूते कराएगी इसका निर्माण
उन्होंने कहा कि बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएसआरडीसीएल) के माध्यम से इसका क्रियान्वयन कराया जाएगा। इसका डीपीआर परामर्शी और ट्रैंजेक्शन एडवाइजर की सेवा प्राप्त करने और इस कॉरिडोर के आसपास बड़े भू-खंडों का आर्थिक प्रयोजन के विकास के लिए बीएसआरडीसीएल को प्राधिकृत करने के सैद्धांतिक प्रस्ताव पर मंत्री परिषद का अनुमोदन प्राप्त किया गया है।
एआई प्लेटफॉर्म के लिए जापानी कंपनी से सूचना-प्रावैधिकी विभाग का करार
सचिव ने बताया कि राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से संबंधित आधारभूत प्लेटफॉर्म विकसित करने के लिए जापान की कंपनी टायो के साथ सूचना एवं प्रावैधिकी विभाग के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ। एआई की उपयोग से विभिन्न क्षेत्रों में सार्वजनिक बुनियादी ढांचा के विकास के लिए परियोजनाओं की पहचान, प्रथामिकता निर्धारण, परियोजना मॉनीटरिंग और क्रियान्वयन में सरकार को सहयोग प्राप्त होगा।
जिला से लेकर राज्य स्तर तक बनेगा मत्स्यजीवी सहकारी समिति
उन्होंने कहा कि जिला से लेकर राज्य स्तर तक मत्स्यजीवी सहकारी समिति का गठन किया जाएगा। इसका मकसद पिछड़े एवं वंचित वर्ग को संगठित कर राज्य स्तर तक मजबूत संरचना विकसित करना है। जिला, जिला समूह, प्रमंडल स्तरीय मत्स्यजीवी सहकारी संघ और राज्य स्तरीय मत्स्यजीवी सहकारी परिसंघ के गठन की स्वीकृति प्रदान की गई है। कहा कि जिलों में मौजूद जिला नियोजनालयों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार, कॉरियर काउंसेलिंग और मार्गदर्शन किया जाता है। रोजगार को बढ़ावा देने के लिए रोजगार मेला का आयोजन, सभी प्रकार की निजी कंपनियों, उद्योगों, प्रतिष्ठानों एवं सूक्ष्म, मध्यम एवं लघु उद्योग इकाइयों के साथ रोजगार के लिए संपर्क, रोजगार परामर्श जैसे कार्य क्रियान्वित किए जाते हैं। अब अवर प्रादेशिक नियोजनालय का नाम जिला नियोजनालय करने से सात निश्चय पार्ट-3 (2025-30) के अतर्गत सबका सम्मान-जीवन आसान के तहत आम लोगों और बेरोजगार युवाओं का जीवन आसान होगा।
नलकूपों को लगाने के लिए 83 करोड़ 60 लाख रुपये
सात निश्चय-2 के अंतर्गत हर खेत तक सिंचाई का पानी योजना के अंतर्गत अनुदान आधारित मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत पहले से स्वीकृत 35 हजार नलकूपों को लगाने के लिए 266 करोड़ रुपये के अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 11 हजार नलकूपों को स्थापित करने के लिए 83 करोड़ 60 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। सचिव ने बताया कि सात निश्चय-3 के तहत समृद्ध उद्योग-सशक्त बिहार की परिकल्पना के अंतर्गत मधुबनी के सकरी एवं दरभंगा जिले के रैयाम में गन्ना उद्योग विभाग की बंद चीनी मिल की भूमि पर नई सहकारी चीनी मिल लगानी है। इन दोनों चीनी मिलों के लिए अधिसूचित आरक्षित क्षेत्र के गन्ना उत्पादक तथा गन्ना उत्पादन के लिए प्रतिबद्ध किसानों को शामिल करते हुए प्राथमिक चीनी मिल सहकारी समिति के गठन की स्वीकृति मिली।
भंडारण क्षमता के सृजन के लिए 34 करोड़ 95 लाख की स्वीकृति
वित्तीय वर्ष 2026-27 में 48 हजार 200 मेट्रिक टन भंडारण क्षमता के सृजन के लिए 200 मेट्रिक टन, 500 एवं 1 हजार मेट्रिक टन प्रति इकाई क्षमता के गोदाम निर्माण के लिए समितियों को 50 प्रतिशत अनुदान तथा 50 फीसदी चक्रीय पूंजी के रूप में कुल 34 करोड़ 95 लाख 27 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा राज्य सरकार सोशल मीडिया, वेब पोर्टल और अन्य ऑनलाइन मीडिया के माध्यम से जनहितकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों के व्यापक प्रचार-प्रसार को अधिक प्रभावी एवं व्यवहारिक बनाने के उदेश्य से बिहार सोशल मीडिया एवं अन्य ऑनलाइन मीडिया (संशोधन) नियमावली-2026 में आवश्यक संशोधन किए गए हैं। इसके तहत सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स को विज्ञापन देने तथा नियमावली में किसी अस्पष्टता की स्थिति में आवश्यक स्पष्टीकरण की व्यवस्था की गई है। इन सोशल मीडिया वेबसाइट को व्यूज के आधार पर राशि मिलेगी।
नहर प्रणालियों का फिर से होगा निर्माण
सचिव ने कहा कि सात निश्चय-3 के तहत हर खेत तक सिंचाई का पानी कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के लिए कार्य योजना के अंतर्गत सहरसा परिक्षेत्राधीन सिंचाई प्रमंडल नरपतगंज अंतर्गत जानकीनगर शाखा नहर एवं इससे निकलने वाली नहर प्रणालियों का फिर से निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए 3 करोड़ 45 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके अलावा कटिहार वितरणी, फूलपुर उप-वितरणी, हसनगंज उप-वितरणी, बैजनाथपुर उप-वितरणी और सोमापुर उप-वितरणी एवं इससे निकलने वाली नहर प्रणालियों को फिर से स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए 35 करोड़ 81 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा कैबिनेट ने पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत राज्य में गोवंश नस्ल सुधार कार्यक्रम को सुदृढ़ बनाने के लिए सात निश्चय-3 योजना के तहत 63 करोड़ 92 लाख 95 हजार रुपये की स्वीकृति दी है। इससे डेयरी क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने में काफी मदद मिलेगी।