पटना : मान्यताप्राप्त पत्रकारों को रेलवे में 50% रियायत संबंधी मामला आज मंगलवार 21 जुलाई को बिहार विधान परिषद में गैर सरकारी संकल्प के माध्यम से उठाया गया। राजद सदस्य अशोक कुमार पांडे ने यह मामला उठाते हुए कहा कि पत्रकारों को पिछले 45 साल पहले जो सुविधा शुरू की गई थी, वह आज बंद है।
कोविड-19 महामारी के दौरान मार्च 2020 में इस छूट को केंद्र सरकार द्वारा बंद कर दिया गया जो आज तक यथावत है। पत्रकारों को होने वाली परेशानी को देखते हुए इस सुविधा को दोबारा चालू करने की जरूरत है। राज्य सरकार की तरफ से उत्तर देते हुए परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने कहा कि हम विप सदस्य की इस मांग को स्वीकार करते हैं और इस सुविधा को पुन:बहाल करने के लिए केंद्र सरकार से अनुशंसा करते हैं। इस मुद्दे पर पत्रकारों का शिष्टमंडल विप चेयरमैन अवधेश नारायण सिंह से भी मिला।
गौरतलब है कि प्रेस मेंस वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा इस मामले को पिछले कई वर्षों से लगातार उठाया जाता रहा है। आज इस मामले को न केवल उच्च सदन में गैर सरकारी संकल्प के माध्यम से उठाया गया, बल्कि सरकार द्वारा अनुशंसा केंद्र सरकार को भेजने पर भी सहमति जताई गई ।एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय कुमार मिश्रा, सचिव दया शंकर तिवारी और संगठन सचिव बाल कृष्ण ने कहा कि वे यह मुद्दा तब तक उठाते रहेंगे, जब तक कि पत्रकार के हित में रेल मंत्रालय मान्ताप्राप्त पत्रकारों को रियायती रेल यात्रा की सुविधा पुन: बहाल करने संबंधी आदेश पत्र निर्गत नहीं कर देती है ।