बड़ी सड़कों-पुलों के लिए 3665 करोड़ व घटना मेट्रो के लिए 952.00 करोड़ का प्रस्ताव
राज्य सरकार ने मानसून सत्र में सदन में 87,383 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया
पटना : बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन राज्य सरकार के प्रभारी मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रथम अनुपूरक बजट पेश किया। इसमें प्रस्तावित राशि 87,383.4301 करोड़ रुपये है। इसके तहत वार्षिक स्कीम के राज्य स्कीम में कुल प्रावधानित राशि 24,370.7209 करोड़ रुपये है। तीन पेंशन योजना मद में कुल 8,915 करोड़ है। इसमें 6710.93 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना, 1147.84 करोड़ रुपये बिहार राज्य विकलांगता सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना और 1056.44 करोड़ रुपये लक्ष्मीबाई समाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लिए है। वहीं, 9994.34 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना अन्तर्गत उपभोक्ता सब्सिडी के लिए है। इस तरह बिजली सब्सिडी और पेंशन मद में सरकारी खजाने से 18,909 करोड़ खर्च का प्रस्ताव है।
राज्य के स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय मद में 30,265.9906 करोड़ रुपए अतिरिक्त प्रावधान का प्रस्ताव किया गया है। इनमें सर्वाधिक 13550.00 करोड़ रुपये आकस्मिकता निधि के स्थायी काय में राशि अन्तरण, जबकि 9994.34 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना अन्तर्गत उपभोक्ता सब्सिडी के लिए है। 2658.16 करोड़ रुपये पंचायती राज संस्थाओं को 16वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में भुगतान, 2423.47 करोड़ रुपये विभिन्न विभागों के वेतनादि, 747.98 करोड़ रुपये पंचायती राज संस्थाओं को 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में स्वास्थ्य प्रक्षेत्र के बकाये राशि के भुगतान के लिए है। वही़ं, 3665.00 करोड़ रुपये वृहद सड़कों एवं पुलों के निर्माण और 952.00 करोड़ रुपये घटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के लिए है।
इसी तरह वार्षिक स्कीम मद में केन्द्रीय प्रायोजित स्कीम के अन्तर्गत 32,707.2365 करोड़ रुपये में 9335.35 करोड़ रुपये विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन, 3342.12 करोड़ रुपये राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी स्कीम, 3308.69 करोड़ रुपये इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना और 2732.00 करोड़ रुपये सर्व शिक्षा अभियान के केन्द्रांश मद में प्राप्त कम राशि कीराज्य संसाधन द्वारा पूर्ति के लिए है।
बार्षिक स्कीम में अतिरिक्त प्रावधान का प्रस्ताव
वार्षिक स्कीम में 57.077.9574 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। इस वार्षिक स्कीम में केन्द्रीय प्रायोजित स्कीम में 32.707.2365 करोड़ रुपये एवं राज्य स्कीम में 24,370.7209 करोड़ रुपये अर्थात कुल 57,077.9574 करोड़ रुपये प्रस्तावित है।
प्रथम अनुपूरक बजट में स्कीमवार प्रस्तावित व्यय :
वार्षिक स्कीम मद में:- 57,077,9574 करोड़ रुपये
स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय मद में प्रभृत सहितः- 30,265.9906 करोड़ रुपये
केन्द्रीय क्षेत्र स्कीम गद में – 39.4821 करोड़ रुपये
कुल योग – 87,383.4301 करोड़ रुपये।
मानसून सत्र के शुरुआत में अध्यक्ष का प्रारम्भिक उद्बोधन
वहीं, बिहार विधान सभा में अध्यक्ष डा. प्रेम कुमार ने अपने प्रारम्भिक उद्बोधन में सदन की कार्यवाही को और अधिक सार्थक, अनुशासित तथा जनोन्मुख बनाने में सहायक होने की अपेक्षा जताई। जनप्रतिनिधि के रूप में हमारा धर्म है कि हम निष्ठापूर्वक अपने कर्तव्यों का पालन करें और जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। यदि हम सदन में अनुशासन, शालीनता और सकारात्मक संवाद का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे, तो लोकतंत्र और अधिक मजबूत होगा। मानसून सत्र राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दौरान अनेक विधायी, वित्तीय एवं जनहित से जुड़े विषय सदन के समक्ष आएँगे। मैं सत्ता पक्ष एवं विपक्ष के सभी माननीय सदस्यों से आग्रह करता हूँ कि वे लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए सदन की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। स्वस्थ बहस, सार्थक विमर्श और रचनात्मक सहयोग ही लोकतंत्र कीवास्तविक शक्ति हैं। इसके माध्यम से ही यह सदन उच्च आदर्शों के अनुरूप नई कार्य-संस्कृति स्थापित कर पाएगी। मैं सभी सदस्यों से आग्रह करता हूँ कि इस पाँच दिवसीय सत्र के दौरान प्रश्नकाल, शून्यकाल, विधायी कार्य तथा विभिन्न विषयों पर होने वाली चर्चाओं में सक्रिय, तथ्यपूर्ण और रचनात्मक भागीदारी करें। बिहार के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, रोजगार, महिला सशक्तीकरण, युवाओं के भविष्य, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण और सुशासन जैसे विषयों पर सार्थक विमर्श करें। अष्टादश बिहार विधान सभा के तृतीय सत्र के प्रथम दिन सोमवार को अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार से शिष्टाचार भेंट कर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने सत्र संचालन के लिए शुभकामनाएं दीं। सदन में सोमवार को 10 विधेयकों की प्रति भी रखी गई।