पटना : राजधानी पटना के शेखपुरा स्थित एक निजी अस्पताल में युवा प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO) राजलक्ष्मी की सोमवार देर रात मौत हो गई। सोमवार को दोपहर बाद उनका इसी अस्पताल में आपरेशन से प्रसव से बेटा हुआ था। सब ठीक था…! फिर अचानक ऐसा कुछ हुआ, जिसका खुलासा होना अभी बाकी है…! प्रसव के बाद राजलक्ष्मी की हालत बिगड़ गई और देर रात्रि उन्होंने दम तोड़ दिया…! परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया है। हालांकि इस मामले में फिलहाल पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। परिजनों के मुताबिक इस घटना के बाद पूरा परिवार सदमे में आ गया है। थोड़ा संभलने के बाद वे अस्पताल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराएंगे। न्याय के लिए वह स्वास्थ्य विभाग और सिविल सर्जन कार्यालय का भी दरवाजा खटखटाएंगे…!

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मालूम हो कि प्रखंड कृषि पदाधिकारी (BAO) राजलक्ष्मी पटनासिटी इलाके के मुसल्लहपुर में तैनात थीं। उनकी मौत की खबर से कृषि विभाग के पटना जिला समेत बिहार के समस्त पदाधिकारियों में शोक की लहर दौड़ गई। राजलक्ष्मी की छवि एक काफी हंसमुख और मिलसार स्वाभाव की कर्तव्यनिष्ट अधिकारी के रूप में थी। उनके पिता कृष्ण कुमार लाल, जो कि एक वरिष्ठ पत्रकार हैं, ने अस्पताल पर लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है…!!! उनका आरोप है कि बिना परिजन की सहमति के इलाज करने के कारण तड़प-तड़पकर मेरी बेटी की मौत हो गई…! मेरे नवासे…नवजात शिशु की मां चली गई…! पूरा परिवार बिखर गया…!! वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण कुमार लाल का यह दिल को चीर देने वाला भावुक अर्तनाद है…! कहते हैं, मेरे जिगर का टुकड़ा…मेरी बेटी… मेरी राजदुलारी चली गई…!
दो साल पहले ही पटना में धूमधाम से हुई थी शादी…
मृतका के पिता श्री लाल का कहना है कि उनकी बेटी राजलक्ष्मी जो मुसल्लहपुर (पटनासिटी) में प्रखंड कृषि पदाधिकारी के पद पर तैनात थीं, की वर्ष 2024 में यानी दो साल पहली ही बहुत भव्य और धूमधाम से पटना में शादी हुई थी। उनका सीधा आरोप है कि पहले बच्चे को जन्म देने के दौरान अस्पताल की लापरवाही के कारण उनकी बेटी की जान चली गई। पिता का यह भी आरोप है कि गर्भावस्था में जांच के दौरान उनकी बेटी से अस्पताल प्रबंधन जबरन हर जांच के लिए पांच तारा रेटिंग्स लेता था। ये बात उनकी छोटी बेटी ने बाद में बताई। यदि पहले उनको इसकी जानकारी होती, तो उन्हें निश्चित तौर पर अस्पताल प्रबंधन की मंशा पर संदेह होता और वे सतर्क हो जाते। इस तरह शायद उनकी बेटी की जान बच सकती थी…!

ऑपरेशन के बाद डॉक्टर मेरी बेटी को भगवान भरोसे छोड़कर चली गईं…
श्री लाल का आरोप है कि उनकी पुत्री का ऑपरेशन करने के बाद डॉक्टर बिना किसी तरह की व्यवस्था किए उसे भगवान भरोसे छोड़कर अपने घर चली गईं। सोमवार रात को इनके किसी स्टाफ द्वारा मरीज के कष्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं ली गई। मरीज द्वारा आरजू-मिन्नत करते हुए परेशानी की जानकारी दी गई तब भी, मरीज की बातों की उपेक्षा की गई। अस्पताल के स्टाफ द्वारा कोई देखभाल नहीं की गई। सूचना देने पर भी डॉक्टर काफी देर से आईं। इमरजेंसी की स्थिति में अस्पताल में किसी भी प्रकार के अत्याधुनिक उपकरण नहीं थे, ताकि उनकी मदद से मरीज का इलाज किया जा सके …और न हीं कुशल चिकित्सक की व्यवस्था थी। एक पिता का दर्द समझिए…! अपनी अफसर ग्रेड की बेटी का शानदार कॅरियर…!! उसका भरापूरा परिवार…और मातृत्व सुख से अभिभूत उस बेटी की आंखों में उज्ज्वल भविष्य के झिलमिलाते सपने…! ….और सब कुछ एक झटके में खत्म…!! यह है एक पिता की अकथनीय पीड़ा…!!! निधन के बाद पटना के दीघा घाट पर राजलक्ष्मी का अंतिम संस्कार किया गया…कहने को तो राजलक्ष्मी पंचतत्व में विलीन हो गई…मगर, वह छोड़ गईं हैं कई यादें…अपनी एक खास निशानी…अपने बेटे…अपने लख्ते जिगर के रूप में…. सफर अभी जारी है…!!