पटना : आपका अपना लोकप्रिय और निष्पक्ष न्यूज पोर्टल BRBJ News द्वारा पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) को अत्याधुनिक एवं विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से लैस करने में आ रही दिक्कतों को लेकर लगातार प्रकाशित की जा रही खबरों का व्यापक असर हुआ है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने विशेष सचिव अरविन्द वर्मा तथा BMSICL के प्रबंध निदेशक सुब्रत सेन के साथ पीएमसीएच परिसर का स्थल निरीक्षण किया और समीक्षा बैठक की। इस दौरान अधिकारियों ने निर्माणाधीन भवनों, विभिन्न सुविधाओं एवं चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। गौरतलब है कि BRBJ News अपने ‘पीएमसीएच की हकीकत और फसाना…’ सीरीज के जरिए लगातार रियलिटी चेक की निष्पक्ष खबरें आपके सामने ला रहा है। इसमें आम लोगों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। मंगलवार को ही हमने BRBJ News के पोर्टल पर पीएमसीएच पर अपनी विशेष स्टोरी की चौथी किस्त पब्लिश की है। इसमें पीएमसीएच के मौजूदा अधीक्षक द्वारा उन कठिनाइयों के बारे में विस्तार से बताया गया है, जिसके कारण राज्य के इस सबसे प्रतिष्ठित और विश्वस्तरीय अस्पताल में मरीजों को पूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। मालूम हो कि राज्य सरकार ने पीएमसीएच के पुनर्विकास कार्य के लिए 5,544 करोड़ रुपए का भारी भरकम बजट जारी किया है। इससे पीएमसीएच को 5462 शैय्या वाला दुनिया का दूसरा और देश का सबसे बड़ा अस्पताल बनाया जाना है।

स्वास्थ्य सचिव ने मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की पूरी जानकारी ली
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने पीएमसीएच में विकसित किए जा रहे नए ओपीडी, पंजीकरण काउंटर तथा दवा वितरण केंद्र का निरीक्षण किया। मरीजों के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली तथा निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों ने निर्माण एजेंसी L&T एवं BMSICL के प्रतिनिधियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद अस्पताल परिसर में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में परियोजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। L&T एवं BMSICL के प्रतिनिधियों ने परियोजना के विभिन्न कार्यों की प्रगति से अधिकारियों को अवगत कराया। स्वास्थ्य सचिव ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता, सुरक्षा एवं समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।

कहा, पीएमसीएमएच की प्रतिष्ठा एवं गरिमा के अनुरूप चिकित्सा सेवा मुहैया कराएं…
समीक्षा बैठक के दौरान राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। स्वास्थ्य सचिव ने पीएमसीएच के सभी विभागाध्यक्षों (HODs), चिकित्सकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए कहा कि पीएमसीएमएच राज्य का सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान है। इसकी प्रतिष्ठा एवं गरिमा के अनुरूप मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवा, सुविधाजनक व्यवस्था एवं संवेदनशील व्यवहार उपलब्ध कराना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अस्पताल में चिकित्सा एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने, मरीजों की सुविधा को प्राथमिकता देने तथा विभिन्न सेवाओं के संचालन में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
चिकित्सकों को रोज 9:00 से 5:00 तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश…
समीक्षा बैठक में सचिव कुमार रवि द्वारा चिकित्सकीय सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुचारु बनाने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। सभी चिकित्सकों को राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के मानकों के अनुरूप अस्पताल में रोज प्रातः 9:00 बजे से अपराह्न 5:00 बजे तक अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है, ताकि मरीजों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। चिकित्सकों एवं संबंधित कर्मियों को योजना की प्रक्रिया, प्रावधानों एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी देने के लिए विशेष कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि अस्पताल के पुनर्विकास की परियोजना के पूर्ण होने से पीएमसीएच में चिकित्सा सेवाओं की क्षमता और सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा तथा मरीजों को एक ही परिसर में बेहतर एवं आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होगी।
चिकित्सक रोज कम से कम दो बार राउंड लगाएं, रिक्त पदों की अधियाचना भेजें…
सचिव ने इमरजेंसी सेवाओं को सुदृढ़ करने का निर्देश दिया। कहा कि जिन यूनिटों में इमरजेंसी वार्ड संचालित हैं, वहां तैनात चिकित्सक रोज कम से कम दो बार मरीजों का अनिवार्य रूप से राउंड कर उनकी स्थिति की जांच करेंगे। पीएमसीएच में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अधीक्षक से चर्चा कर सभी रिक्त पदों की अधियाचना शीघ्र विभाग को भेजने का निर्देश दिया, जिससे डॉक्टरों की कमी जल्द दूर किया जा सके।
‘आयुष्मान’ का अधिक मरीजों को मिले लाभ, जल्द ‘आयुष्मान मित्रों’ की तैनाती होगी…
समीक्षा बैठक के दौरान विशेष सचिव सह आयुष्मान भारत योजना के प्रभारी अरविन्द वर्मा ने चिकित्सकों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र एवं जरूरतमंद मरीजों को योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इमरजेंसी केश में भी आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आने वाले मरीजों के उपचार में किसी भी परिस्थिति में बाधा नहीं आने देने के निर्देश दिए गए हैं। पीएमसीएच में दवा एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अमृत फार्मा के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने को कहा गया है। इन सभी प्रयासों का उद्देश्य मरीजों को गुणवत्तापूर्ण, समयबद्ध और सुगम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि योजना के सुचारू एवं प्रभावी संचालन के लिए अस्पताल में जल्द ही दक्ष ‘आयुष्मान मित्रों’ की तैनाती की जाएगी।