– By Bhola Nath
‘हिन्दुस्तान’ के पूर्व राजनीतिक संपादक
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विशेष स्टोरी : पहली किस्त…
पटना : बिहार की राजधानी पटना के प्राइम लोकेशन-अशोक राजपथ में 48 एकड़ में स्थित है सूबे का सबसे बड़ा और प्रतिष्ठित-पटना मेडिकल कालेज एवं अस्पताल यानी पीएमसीएम…!! बहुसंख्य वंचित और निम्न मध्यवर्गीय जनता जब हर तरफ से निराश हो जाती है तो उसकी आशा की एकमात्र किरण चिकित्सा का यह मंदिर यानी पीएमसीएम ही शेष रह जाती है। मरीजों की बढ़ती संख्या और इलाज में आ रही दिक्कतों के बरअक्स मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार ने वर्ष 2020 में एक बड़ा सपना देखा- पीएमसीएम के पुनर्निर्माण या कहें पुनर्विकास का…!! हर सुविधा (इसका जिक्र आगे और अगली किस्तों में) से लैस बनने वाले इस मेडिकल कालेज और अस्पताल के लिए भारी भरकम बजट रख गया- 5,544 करोड़ रुपए का…!! यहां बेडों की संख्या भी करीब उतनी ही रखी गई- 5,462…!! इस हिसाब से देखें तो पीएमसीएम के एक बेड की कीमत Approax. एक करोड़ रुपए आती है …!! पूरी तरह बन जाने के बाद बेड की संख्या के लिहाज से यह विश्व का दूसरा सबसे बड़ा और भारत का सबसे बड़े हॉस्पिटल होगा… मगर क्या है इस भव्य आरोग्य केन्द्र की हकीकत और फसाना…!! जानेंगे हम विस्तार से…तो आइए चलते हैं पीएमसीएच के विश्लेषणात्मक दौरे पर…!!
5 साल पहले शुरू हुई एक्सिलेंट पीएमसीएम के निर्माण की कहानी…
सीएम रहते नीतीश कुमार ने गत 8 फरवरी, 2021 को पीएमसीएम का शिलान्यास किया। कुल तीन चरणों (फेज) में इसका निर्माण वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य है। लेकिन, अभी पहला चरण ही पूरी तरह पूरा नहीं हो पाया है। इस फेज के कुल 4 में से 2 ही टावर अभी फंक्शनल हो पाए हैं। बाकी के लिए काम चल रहा है। इस लिहाज से देखें तो लगता नहीं कि अगले 2 साल यानी वर्ष 2028 तक तीनों चरणों का निर्माण पूरा हो सकेगा। इसकी निर्माण एजेंसी लार्सन एंड टूब्रो (एल एंड टी) है। यहां 750 करोड़ के उपकरणों की आपूर्ति भी उसी को करनी है।
4 साल बाद निर्माण एजेंसी द्वारा हैंडओवर की गईं सुविधाएं …
निर्माण कार्य शुरू होने के 4 साल में निर्माण एजेंसी एलएंडटी द्वारा पहले चरण के दो टावरों के अलावा कई सुविधाएं पीएमसीएम को हैंडओवर की गईं। इन सुविधाओं का पहली बार उद्घाटन तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 27 फरवरी, 2024 को किया। इनमें 500 बिस्तरों वाला नर्सेज छात्रावास, बहुस्तरीय कार पार्किंग (ब्लॉक/चरणों के आधार पर कुल 735 वाहन क्षमता वाली), ओपीडी (आउटडोर पेशेंट डिपार्टमेंट) ब्लॉक और केंद्रीय उपयोगिता ब्लॉक-ए की प्रमुख सुविधाएं हैं। साथ ही, डेडिकेटेड पावर ग्रिड का शिलान्यास भी किया गया। इसके बाद, नीतीश कुमार ने गत 3 मई, 2025 को सूबे के सबसे बड़े अस्पताल पीएमसीएच की नई सुविधाओं का एक बार फिर लोकार्पण किया। इस मौके पर उनके साथ तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (मौजूदा मुख्यमंत्री), पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगलपांडे, विभाग के सचिव प्रत्यय अमृत (अभी मुख्य सचिव) के अलावा बिहार सरकार के कई मंत्री और स्वास्थ्य विभाग के कई बड़े अधिकारी मौजूद थे। हाईटेक पीएमसीएच में पहले फेज के दो टावरों में 1050 बेड की व्यवस्था की गई है। डेडिकेटेड पावर ग्रिड भी तैयार है।
वे फैसिलिटीज जिनका लाभ अभी मरीजों को मिल रहा है…
मरीजों को अभी सीयूबी, अल्ट्रा मॉडर्न ब्लड बैंक और डिजिटल ओपीडी परफॉरमेंस मेडिकल की सुविधा मिल रही है। यहां 290 बेड का मेडिकल इनडोर और आईसीयू की तर्ज पर 60 बेड की मेडिकल इमरजेंसी भी चालू हो गई है। वहीं, इस अस्पताल के हर विभाग के लिए अलग से ओपीडी रूम, ENT, बाल रोग, मेडिसिन, हृदय रोग, सर्जरी, स्त्री रोग, त्वचा एवं चर्म रोग, दंत चिकित्सा, फिजिकल मेडिसिन एंड रिहैबिलिटेशन (पीएम एंड आर), ऑर्थोपेडिक्स, फार्मेसी एंड चिकित्सा (पी एंड टी), और नेत्र रोग जैसे विभागों की सेवाएं शुरू की गई हैं। मरीजों और उनके परिजनों के लिए वेटिंग एरिया, लिफ्ट और रैम्प की भी सुविधा मिल रही है।