पटना : नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने बताया कि पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप, पटना के क्षेत्र में भूमि के क्रय-विक्रय एवं हस्तांतरण को लेकर पूर्व में लागू कोई भी प्रतिबंध अब प्रभावी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विभाग द्वारा समाहर्ता-सह-जिला निबंधक, पटना को आवश्यक रूप से सूचित कर दिया गया है। आज 12 अगस्त, 2026 बुधवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अगुआई में हुई कैबिनेट की बैठक में इस बाबत लिए गए निर्णय की जानकारी देते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि सरकार राज्य में विकास की गति को तेज करने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित कर रही है कि विकास कार्यों के क्रम में किसी भी व्यक्ति के हित प्रभावित या बाधित न हों। मंत्री ने बताया कि पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के विकास योजना प्रारूप के प्रकाशन के पश्चात विभागीय अधिसूचना निर्गत की गई है। इस अधिसूचना के माध्यम से टाउनशिप के विशेष क्षेत्र में भूमि के क्रय-विक्रय एवं हस्तांतरण पर पूर्व में लगी रोक को हटा लिया गया है। इसके साथ ही, मंत्रिमंडल परिषद की बैठक में निजी बीएड कॉलेजों में अन्य विषयों की पढ़ाई भी किए जाने के महत्वपूर्ण मुद्दे पर भी मुहर लगी। कैबिनेट में कुल 11 एजेंडों पर अंतिम रूप से सहमति बनी। इसमें लिए गए निर्णयों के बारे में मंत्रिमंडल सचिवालय सचिव मो. सोहेल ने सूचना भवन के सभाकक्ष में प्रेस वार्ता में जानकारी दी।
कोर क्षेत्र समेत सम्पूर्ण टाउनशिप में भूमि के क्रय-विक्रय पर अब किसी प्रकार की रोक प्रभावी नहीं
मंत्री नीतीश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के सम्पूर्ण क्षेत्र, जिसमें कोर क्षेत्र भी शामिल है, में भूमि के क्रय-विक्रय एवं हस्तांतरण पर अब किसी भी प्रकार की रोक प्रभावी नहीं है। अतः संबंधित क्षेत्र में भूमि का क्रय-विक्रय एवं हस्तांतरण पूर्व की भांति किया जा सकता है। मंत्री ने कहा कि इस निर्णय से क्षेत्र के भू-स्वामियों एवं आम नागरिकों के बीच भूमि के क्रय-विक्रय एवं हस्तांतरण को लेकर बनी असमंजस की स्थिति समाप्त होगी तथा उन्हें आवश्यक स्पष्टता प्राप्त होगी। गौरतलब है कि ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र में जमीन के क्रय-विक्रय एवं हस्तांतरण पर रोक से संबंधित इलाकों के लोगों की परेशानी बढ़ गई थी।

सैटेलाइट शहरों की जमीन पर लगी रोक हटी
कैबिनेट ने ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप क्षेत्रों में भूमि के क्रय-विक्रय या हस्तांतरण की स्वीकृति संबंधी आदेश पर मंजूरी दी है। इसके अतिरिक्त बिहार नगर विकास प्राधिकरण के पास विकास योजना के प्रारूप प्रकाशन के बाद क्रय-विक्रय या हस्तांतरण पर लगी रोक हटाने का अधिकार होगा। भूमि विकास तथा भवन निर्माण उक्त प्राधिकरण के स्तर से विकास योजना एवं संबद्ध विकास नियंत्रण विनियम के अधीन नियंत्रित किया जाएगा।
अब निजी बीएड कॉलेजों में होगी अन्य विषयों की पढ़ाई भी
अब राज्य के निजी बीएड कॉलेजों में बीएड के अतिरिक्त अन्य विषयों की भी पढ़ाई होगी। वर्तमान में राज्यभर में संचालित एकल निजी बीएड कॉलेजों की संख्या 300 से अधिक है। इन सभी में अन्य विषयों की भी पढ़ाई शुरू होगी। कैबिनेट के निर्णयों के बारे में मंत्रिमंडल सचिव मो. सोहेल ने पत्रकारों को बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 और राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राज्य मंत्रिपरिषद के स्तर से बिहार में संचालित एकल निजी शिक्षण संस्थानों को बहुविषयक डिग्री कालेजों के रूप में विकसित किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। इन कॉलेजों में बीएड के साथ कला, विज्ञान, वाणिज्य तथा अन्य विषयों के स्नातक एवं कौशल आधारित पाठ्यक्रम संचालित किए जा सकेंगे। नए शैक्षणिक कार्यक्रमों का संचालन संबंधित विश्वविद्यालय, यूजीसी, एनसीटीई एवं राज्य सरकार के स्तर से निर्धारित मानकों एवं आवश्यक स्वीकृतियों के अनुरूप किया जाएगा। इस पहल से छात्रों को अपने जिले या निकटवर्ती क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे, उच्च शिक्षा तक पहुंच होगी और इससे राज्य का सकल नामांकन अनुपात (जीईआर) में वृद्धि को प्रोत्साहन मिलेगा।
कुशल युवा कार्यक्रम अगले पांच वर्षों तक विस्तारित किया गया
सचिव ने कहा कि सात निश्चय-3 के निश्चय-1 दोगुना रोजगार-दोगुना आय के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030—31 तक में युवा, रोजगार और कौशल विकास के बिहार कौशल विकास मिशन के स्तर से संशोधन के साथ कुशल युवा कार्यक्रम को अगले पांच वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31) तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है। इस योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल अनुमानित राशि 430 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है। इसके अलावा राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के नामांकन प्रक्रिया में संशोधन करने और निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में कुल स्वीकृत सीटों के 50 प्रतिशत सीटों पर नामांकन बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद के माध्यम से करने की स्वीकृति प्रदान की गई है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना राज्य सरकार के स्तर से अतिरिक्त सहायता देगी
सचिव ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत आवासीय उपभोक्ताओं को केंद्रांश के अतिरिक्त राज्य सरकार के स्तर से अतिरिक्त सहायता के रूप में 10 हजार रुपये प्रति किलोवाट एवं अधिकतम 20 हजार रुपये प्रति उपभोक्ता डीबीटी के माध्यम से दिया जाएगा। इसके तहत 1 वर्ष के लिए 1 हजार करोड़ रुपये अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई है। वहीं, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना 2026-2031 योजना के सुदृढ़ीकरण एवं अगले पांच वर्षों के लिए 950 करोड़ रुपये व्यय का प्रावधान किया गया है।
चार जिलों में कम्प्रेड बायोगैस प्लांट के लिए 10 एकड़ जमीन आवंटित की गई
इसके अलावा कैबिनेट ने एक अन्य अहम मसौदे को मंजूरी दी, जिसके तहत राज्य के चार नगर निगम क्षेत्रों गयाजी, भागलपुर, मुजफ्फरपुर और बिहारशरीफ में कम्प्रेस्ड बॉयोगैस प्लांट (सीबीजी) की स्थापना की जाएगी। यह इकाई जैविक कचरे को एक मूल्यवान नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत में परिवर्तित करके अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एक स्थायी समाधान प्रदान करता है। इस योजना के तहत चुनिंदा नगर निगम क्षेत्रों में 10-10 एकड़ जमीन 25 वर्ष की लीज पर गेल, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम को दी जाएगी।
अन्य फैसले :
- संचार मंत्रालय के माध्यम से स्थापित भारतनेट के संदर्भ में राज्य सरकार के स्तर से राईट ऑफ वे दिए जाने एवं इससे संबंधित त्रिपक्षीय समझौता एकरारनामा को हस्ताक्षरित किए जाने का निर्णय लिया गया है।
- 2. पीएमसीएच समेत अन्य स्थानों पर बने बिजली उप-केंद्र का संचालन करने के लिए 221 पदों के सृजन की मंजूरी दी गई है। इसमें कार्यपालक अभियंता, सहायक कार्यपालक अभियंता (जीटीओ), कनीय विद्युत अभियंता समेत अन्य पद शामिल हैं।