पटना : राज्य सरकार ऐतिहासिक एवं पौराणिक स्थल गयाजी की विश्वपटल पर विशिष्ट पहचान स्थापित करने के लिए व्यापक योजना बनाई है। इसके तहत गयाजी में मौजूद पौराणिक विष्णुपद मंदिर क्षेत्र को वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके समग्र विकास के लिए 2 हजार 520 करोड़ रुपये की मंजूरी मंत्रिपरिषद के स्तर पर दी गई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार 15 सितंबर, 2026 को आयोजित मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की बैठक में इस मसले पर निर्णय लिया गया। इस बैठक में 17 एजेंडों पर मुहर लगी। कैबिनेट की बैठक में लिए तमाम महत्वपूर्ण निर्णयों के बारे में विस्तृत जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
इस मौके पर अपर मुख्य सचिव ने कहा कि गयाजी में मौजूद रामायण कालीन फल्गु या निरंजना नदी को सीधे सोन नदी से जोड़ा जाएगा। इसके लिए कैबिनेट से 996 करोड़ 5 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के अंतर्गत इंद्रपुरी बैराज से करीब 23 किमी ऊपर की तरफ एक इनटेक वेल का निर्माण प्रस्तावित है। इस इनटेक वेल के माध्यम से सोन नदी से आवश्यक मात्रा में जल का उद्वह कर 11 किमी लंबी पाइप लाइन के माध्यम से उत्तर कोयल मुख्य नहर से करीब 32.77 किमी बिन्दु पर जल को प्रवाहित किया जाएगा। इसके बाद सोन नदी का पानी उत्तर कोयल दायां मुख्य नहर के माध्यम से स्वत प्रवाहित होते हुए अंतिम छोर तक जाएगा। इस योजना के समुचित क्रियान्वयन से संबंधित विस्तृत प्रस्ताव जल संसाधन विभाग के स्तर से तैयार किया गया है।
मोडिफायड उड़ान योजना के तहत हवाई संपर्क विस्तार को विशेष एमओयू पर स्वीकृति
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि मोडिफायड उड़ान के अंतर्गत राज्य में हवाई संपर्क के विस्तार के लिए केंद्रीय नागर विमानन मंत्रालय, नई दिल्ली स्थित भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण और राज्य सरकार के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) की स्वीकृति दी गई। इससे राज्य सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की भूमिकाएं एवं जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित हो सकेंगी। इससे विभिन्न हवाई अड्डों का विकास चैलेंज मोड में किया जाएगा। इससे राज्य के छोटे शहरों को हवाई संपर्क उपलब्ध होगा तथा पर्यटन, व्यापार और रोजगार के अवसर को बढ़ावा मिलेगा। सिविल विमानन विभाग के अंतर्गत सृजित तकनीकी एवं गैर-तकनीकी पदों पर भर्ती एवं प्रोन्नति समेत अन्य को अंजाम देने के लिए बिहार राज्य विमानन संवर्ग भर्ती नियमावली-2026 के गठन की स्वीकृति दी गई है।
5 राजकीय चिकित्सा कालेजों और दंत महाविद्यालय व अस्पताल में संविदा पर बहाली
इसके अलावा राजकीय दंत महाविद्यालय एवं अस्पतालों में प्राध्यापक, सह-प्राध्यापक, रीडर एवं व्याख्याता या सहायक प्राध्यापक के रिक्त पदों पर नियमित नियुक्ति या प्रोन्नति होने तक संविदा के आधार पर नियोजन की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, राज्य के 5 राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक के 366 पदों के खिलाफ नियमित नियुक्ति होने तक संविदा के आधार पर नियोजन किया जाएगा। इसमें बेतिया स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, पूर्णिया राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय, मधेपुरा का जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय, छपरा का राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय और समस्तीपुर स्थित श्रीराम जानकी चिकित्सा महाविद्यालय शामिल हैं। इन मेडिकल कॉलेजों में नई दिल्ली के राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मानकों के अनुरूप चिकित्सक शिक्षकों की उपलब्धता हो सकेगी।
काराओं में खाली पड़ी भूमि पर पेट्रोलियम रिटेल ऑउटलेट (पेट्रोल पंप) खुलेंगे
श्री चौधरी ने बताया कि राज्य की काराओं में खाली पड़ी भूमि पर पेट्रोलियम रिटेल ऑउटलेट (पेट्रोल पंप) के परिचालन के लिए कारा पेट्रोललियम रिटेल ऑउटलेट (पेट्रोल पंप) परिचालन नियमावली-2026 के गठन की स्वीकृति दी गई। पूर्णिया का केंद्रीय कारा, मुजफ्फरपुर स्थित शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा की खाली पड़ी जमीन पर पेट्रोलियम रिटेल ऑउटलेट (पेट्रोल पंप) का स्थापन और संचालन की मंजूरी दी गई।
एकीकृत बागवानी विकास मिशन के लिए 78 करोड़
केंद्र प्रायोजित योजना के uzत एकीकृत बागवानी विकास मिशन के कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2027-28 तक दो वर्षों के लिए 78 करोड़ 34 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। मुख्य उदेश्य राज्य में बागवानी फसलों (फल, फूल, सुगंधित पौधे, मशरूम आदि) का उत्पादन कर इसमें वृद्धि करना है।
ईंट-भट्ठों के स्वामित्व की बकाया राशि निपटारे के लिए वन टाईम सेटलमेंट योजना
इसके अलावा राज्य में ईंट-भट्ठों के स्वामित्व की बकाया राशि के निपटारे के लिए वन टाईम सेटलमेंट योजना की शुरुआत की जा रही है। इसके तहत ईंट सत्र 2024-25 तक ईंट-भट्ठों की बकाया राशि का पेमेंट एक बार करने पर ब्याज की माफी करने का प्रावधान है। ईंट-भट्टों पर 226 करोड़ रुपये बकाया हैं, जिनकी वसूली करनी है।
राज्य में लागू स्टेट वाटर रिफार्म फ्रेमवर्क के तहत विशेष नीति प्रस्तावित
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में लागू स्टेट वाटर रिफार्म फ्रेमवर्क के तहत इस वर्ष दिसंबर तक तकनीकी, नीतिगत और प्रशासनिक तैयारियों को पूरा करना है। इसके अंतर्गत पारंपरागत जलस्रोतों का पुनर्स्थापन, गाद प्रबंधन और समुचित रख-रखाव महत्वपूर्ण है। जमी गाद का उपयोग सड़क, सिंचाई, बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य, भवन निर्माण समेत अन्य कार्यों में करने के लिए एक विशेष नीति प्रस्तावित की गई है।
अन्य फैसले :
- बिहार सूचना आयोग में राज्य सूचना आयुक्त के दो अतिरिक्त पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।
- वित्तीय वर्ष 2026-27 में केंद्रीय क्षेत्र की मखाना विकास योजना के लिए 89 करोड़ 79 लाख 48 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है।
- नेशनल मिशन ऑन एडीबल ऑयल-ऑयल पाम केंद्र प्रायोजित योजना का वित्तीय वर्ष 2026-27 में कार्यान्वयन के लिए 2 करोड़ 10 लाख रुपये के निकासी एवं व्यय की स्वीकृति प्रदान की गई।