पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि महिलाओं के लिए उच्च शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए बालिका पीएचडी फेलोशिप के तहत प्रत्येक वर्ष 1,000 छात्राओं को 10 हजार रुपये प्रतिमाह सहायता दी जायेगी। बिहार में महिलाओं के लिए समर्पित विश्वविद्यालय स्थापित करने पर भी काम हो रहा है। वह आज शनिवार 19 सितम्बर, 2026 को पटना के सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में बिहार राज्य महिला आयोग के 25वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे। कहा कि बिहार में छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मैट्रिक, इंटर एवं स्नातक स्तर पर प्रोत्साहन योजनाएं संचालित हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को भी सहायता दी जा रही है।

स्कूल-कॉलेज के पास महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती करनेवाला बिहार पहला राज्य
महिला सुरक्षा के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ‘पुलिस दीदी’ की व्यवस्था की गई है। स्कूल-कॉलेज एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास छात्राओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है, ऐसा करनेवाला बिहार पहला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में महिलाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उनकी बढ़ती आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक भागीदारी राज्य के बदलते स्वरूप की तस्वीर है। पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने से उनकी भागीदारी को नई मजबूती मिली है। जीविका ने महिलाओं को आर्थिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ा जाएगा
सीएम ने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना सहित विभिन्न योजनाओं से महिलाएं सिलाई, मुर्गी पालन, बकरी पालन तथा अन्य गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं। सरकार का लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ना है। पोशाक योजना के तहत विद्यार्थियों को राशि देने के स्थान पर जीविका दीदियों द्वारा तैयार किये गये पोशाक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। इससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
समारोह के दौरान सामने आई तकनीकी गड़बड़ी, अटका रिमोट…
आयोग की रजत जयंती समारोह के मौके पर मुख्यमंत्री ने डाक विभाग के सहयोग से बिहार राज्य महिला आयोग पर विशेष डाक टिकट जारी किया। हालांकि समारोह के दौरान तकनीकी गड़बड़ी भी सामने आई। मंच के एक तरफ रखे प्रतीकात्मक डाक टिकट का अनावरण मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा रिमोट से करना था। इसके सीएम को रिमोट हस्तगत कराया गया। मगर, उनके बार-बार बटन दबाने पर भी रिमोट ने काम नहीं किया। इसके बाद मंच पर मौजूद एक सिक्युरिटी जवान ने स्थिति संभाली। खुद आगे बढ़कर अपने हाथों से डाक टिकट का पर्दा उठाया। इस तरह सीएम सम्राट चौधरी द्वारा डाक टिकट के अनावरण की प्रक्रिया पूरी की गई। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में है। इस अवसर आयोग की 25 वर्षों की यात्रा पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी तथा स्मारिका का विमोचन किया गया।


निशांत को विशाल माले की जद में लाए श्रवण कुमार…
समारोह के दौरान गुलाब के फूलों की विशाल और मोटी माला भी लाई गई थी। इसे सम्मान में माननीय मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों को पहनाया जाना था। लेकिन, इसमें अन्य नेताओं के भी सिर घुसाने की होड़ में संकोची स्वभाव के नीतीश कुमार के पुत्र व स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार कहीं पीछे ही ठिठके रह गए। मंत्री श्रवण कुमार की जब उन पर नजर पड़ी तो उन्होंने पीछे से निशांत को आगे किया और किसी तरह माले की जद में लाए।
विजय चौधरी एवं आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने भी संबोधित किया
समारोह को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी एवं बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्रीगण, जनप्रतिनिधिगण, वरीय अधिकारी, भारतीय डाक विभाग के पदाधिकारी, बिहार राज्य महिला आयोग से जुड़ी महिलाएं एवं विभिन्न जिलों से आई बड़ी संख्या में महिलाएं तथा आमजन उपस्थित थे। समारोह की व्यवस्था में रणधीर मिश्रा, रजनीश कुमार और दीप शिखा सक्रिय रहीं।