– By Bhola Nath, Ex Political Editor
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Exclusive Story
पटना : …तो माननीयों की लॉबी में भी पहुंच गई राजधानी पटना के एक नामी स्वीट शॉप की गडबड़ मिठाई …! बुधवार यानी 28 अक्टूबर, 2026 की दोपहर बाद का वक्त…! लगभग 4.15 बजे हैं…! आठ सीटों पर हुए एमएलसी चुनाव का लगभग रिजल्ट आ गया है…! तभी एक माननीय लॉबी में पेड़ा का डिब्बा लेकर पधारे…! उसमें बड़े दुकान की महंगी मिठाई थी…! लेकिन, यह क्या…? पहली बाइट के साथ ही माननीयों का जायका बिगड़ गया…! पेड़ा खट्टा था…! फिर यह बात भी आई कि स्वास्थ्य विभाग की फूड सेफ्टी यूनिट पिछले दो माह से पूरे बिहार के विभिन्न जिलों में लगातार छापा मार रहा है, फिर खाद्य पदार्थ निर्माताओं और मिष्ठान्न प्रतिष्ठानों का रवैया बदस्तूर पहले जैसा बना हुआ है…! कोई डर नहीं…! नाम बड़े और दर्शन छोटे…! सबका एक सा हाल…! सड़ी-गली मिठाई, पनीर और खाने –पीने का सामान बेचने से बाज नहीं आ रहे हैं…! बिल्कुल राज्य के भ्रष्ट अफसरों की तरह…! रोज धरा रहे हैं, फिर भी रिश्वत लेने से बाज नहीं आ रहे…!
इन पंक्तियों का नाचीज लेखक भी वहीं लॉबी में था…! अनायास मुझे जाने-माने लेखक श्रीलाल शुक्ल की प्रसिद्ध रचना ‘राग दरबारी’ की वह चर्चित लाइन सामने से झलकी…‘जिसका भी पूंछ उठाओ, वही मादा निकलता है…’!!! वह भी तब जबकि मिलावटखोरों पर सरकार की जबरदस्त चौकसी है…! पिछले दो महीनों में 531 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण – जांच और कार्रवाई की जा चुकी है…!
ज्ञानूजी का चेहरा तमतमा गया, फट पड़े सतीशजी…!
जदयू नेता और चार बार के विधायक रहे ज्ञानेन्द्र कुमार सिंह उर्फ ज्ञानूजी का चेहरा गुस्से से तमतमा गया…! वह खाने-पीने में काफी चूजी हैं…! राम किशोर सिंह (भाजपा नेता और पूर्व एमएलसी) से मुखातिब होकर पूछे…! कहां से यह सड़ी मिठाई ले लाए…? अकबकाए रामाकिशोर जी ने कहा… बोरिंग कैनाल रोड के बिकानेर स्वीट्स से…! बाकायदा मेरे पास इसका रिसिप्ट है…! शाम को उसके यहां भी खाद्य संरक्षा इकाई का छापा पड़ा…! ज्ञानूजी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से उनको जानकारी मिली है कि खाद्य संरक्षा टीम इस प्रतिष्ठान्न से कई खाद्य पदार्थों का सैम्पल ले गई है। लैब से जांच के बाद असिलयत का पता चलेगा…! लेकिन, पेड़ा तो हम सबने खाया, वाकई खाने लायक नहीं था…! तभी सुगौली के पूर्व विधायक सतीश कुमार सिंह भी फट पड़े…बोले, उनके सामने की घटना है… दो बच्चे खराब पेटीज की शिकायत कर रहे थे और उसका मेनेजर मानने को तैयार नहीं था। मैंने उससे कहा, एक बार तुम खुद चखकर काहे नहीं देख लेते हो…!! और जब मैनेजर ने उसे खाया तो उसके बाद उसका चेहरा देखने लायक था…! मैंने मैनेजर का काफी फटकार लगाई…!


विक्रमजी बोले, निशांत सही एक्शन ले रहे…कुमार रवि की तुलना तुकाराम मुंडे से…!
लॉबी कक्ष में मौजूद सभी पूर्व विधायक विक्रम कुंवर समेत अन्य माननीयों, नेताओं और सीनियर जर्नलिस्टों का भी मानना था कि स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के निर्देश पर खाद्य संरक्षा इकाई यह बहुत सही एक्शन ले रही है…! इस कार्रवाई को लेकर कुछ लोग विभागीय सचिव कुमार रवि की तुलना मुम्बई के तुकाराम मुंडे से भी कर रहे हैं…! लेकिन, इतना होने के बाद भी मिठाई दुकानों का रवैया नहीं बदल रहा है…! वह भी तब जबकि त्योहारी सीजन सामने है…! मिलावट और एक्सपायर्ड सामान बेचना सरासर लोगों की सेहत और जान से खिलवाड़ है…! आम लोगों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए बाजार में उपलब्ध तमाम खाद्य पदार्थों पर राज्य सरकार के स्तर से खासतौर से चौकसी बरती जा रही है…! यह लोगों के स्वास्थ्य- खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर पहल मानी जा रही है।


राज्यभर में 27 अगस्त से शुरू हुआ यह विशेष जांच अभियान
स्वास्थ्य विभाग के विशेष निर्देश पर खाद्य सुरक्षा इकाई के स्तर से इस वर्ष 27 अगस्त से खाद्या पदार्थों से जुड़े तमाम तरह के प्रतिष्ठानों की जांच का सिलसिला निरंतर जारी है। अब तक राज्यभर में 87 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इसमें होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानें, खाद्य निर्माण इकाई, पैकेज पेयजल, होम डिलेवरी से जुड़ी कंपनियों के वेयरहाउस समेत ऐसे अन्य प्रतिष्ठान शामिल हैं। जांच के दौरान सबसे ज्यादा गड़बड़ी पाए जाने वाले 15 प्रतिष्ठानों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दो प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि शेष को अंतिम चेतावनी के तौर पर सुधार करने का नोटिस दिया गया है। संबंधित प्रावधानों के तहत तीन माह तक कारावास एवं 3 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।

नामचीन होटलों और बड़े प्रतिष्ठानों में भी गड़बड़ी, 14 दिन की मोहलत
पटना के मुख्य होटल एवं रेस्टोरेंट में विशेष जांच अभियान चलाए गए हैं। होटल गार्गी ग्रैंड, पाटलिपुत्र एग्जॉटिका, द पनाश, होटल मौर्या और अन्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण में रसोई की साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के भंडारण, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाणपत्र और पानी की जांच से संबंधित कमियां सामने आई। कुछ स्थानों पर शाकाहारी एवं मांसाहारी खाद्य पदार्थ एक साथ रखा पाया गया। जबकि, कई प्रतिष्ठानों में एक्सपायरी और खराब खाद्य सामग्री मिली। संबंधित प्रतिष्ठानों को कमियां दूर करने के लिए 14 दिनों का सुधार नोटिस जारी किया गया। इसके अतिरिक्त पटना के विभिन्न केएफसी ऑउटलेट, बारबेक्यू नेशन और पिज्जा हट जैसे प्रतिष्ठानों में जांच अभियान चलाया गया। बुद्ध मार्ग स्थित बारबेक्यू नेशन से 30 किलोग्राम दुर्गंध युक्त पनीर और 4 किलोग्राम चावल जब्त कर नष्ट किए गए। जबकि 15 किलोग्राम पैक्ड चिकन के उपयोग पर रोक लगाई गई। फ्रेजर रोड स्थित बारबेक्यू नेशन में ब्रेड के पैकेट में कीड़े पाए गए और 20 लीटर जला हुआ तेल जब्त कर नष्ट किया गया। बोरिंग कैनाल रोड स्थित केएफसी में औद्योगिक उपयोग के 835 प्लास्टिक गिलासों के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई। पिस्ता हाउस में भी कई तरह की कमियां पाई गई थी। सभी प्रमुख मिठाई दुकानों का भी निरीक्षण किया गया है।
पटना में सर्वाधिक 87 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 15 के खिलाफ केस दर्ज
राज्यभर में जितने प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई, उसमें सर्वाधिक 87 निरीक्षण पटना के प्रतिष्ठानों में किए गए हैं। पटना में खाद्य संरक्षा विभाग की टीम अब तक अधिकांश होटलों, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकान, डेयरी, फास्ट फूड सेंटर, पैकेज्ड पेयजल इकाइयों और ऑनलाइन खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने वाले स्टोर का जांच कर चुकी है। इस दौरान खराब एवं दुर्गंधयुक्त पनीर, मिठाई, दूध, एक्सपायरी खाद्य सामग्री और अन्य असुरक्षित उत्पाद जब्त कर नष्ट कराए गए हैं। पटना के आसपास के इलाकों में व्यापक स्तर पर जांच की गई है। संपतचक, गौरीचक और आसपास के क्षेत्रों में बिना वैध खाद्य लाइसेंस के संचालित पैकेज्ड पेयजल इकाइयों की जांच की गई। इस दौरान महादेव इंटरप्राइजेज, त्रिवेणी नीर और अन्य प्रतिष्ठानों से बड़ी मात्रा में पैकेज्ड पेयजल जब्त किए गए हैं। कई इकाइयों में बिना लाइसेंस पानी की पैकेजिंग तथा विभिन्न ब्रांडों के लेबल के इस्तेमाल से संबंधित अनियमितताएं पाई गईं। विभाग ने संबंधित इकाइयों में उत्पादन एवं संचालन बंद कराने के साथ खाद्य पदार्थों के नमूने प्रयोगशाला भेजे हैं। वहीं, 15 प्रतिष्ठानों के खिलाफ केस दर्ज किए गए हैं।
इन जिलों में हुई इतनी कार्रवाई
पटना के अलावा राज्य के अन्य जिलों में भी खाद्य संरक्षण विभाग ने व्यापक जांच अभियान चलाया। पिछले दो महीनों के दौरान रोहतास में 41, सारण में 40, गोपालगंज में 37, सीवान में 27, गया में 26, वैशाली में 24, मुजफ्फरपुर में 20, भागलपुर एवं पश्चिम चंपारण में 18-18, पूर्णिया में 16, भोजपुर एवं समस्तीपुर में 15-15 तथा दरभंगा एवं पूर्वी चंपारण में 14-14 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। अरवल एवं कैमूर में 13-13, कटिहार में 12, मधुबनी, सहरसा और सीतामढ़ी में 10-10, खगड़िया में 7, सुपौल में 6, बेगूसराय में 5, अररिया, औरंगाबाद, मधेपुरा तथा नालंदा में 4-4 प्रतिष्ठानों की जांच हुई। बांका, बक्सर एवं जहानाबाद में 3-3, जमुई, लखीसराय एवं मुंगेर में 2-2 तथा किशनगंज एवं नवादा में एक-एक प्रतिष्ठान का निरीक्षण हुआ है। वैशाली, मुजफ्फरपुर, सुपौल समेत कुछ अन्य जिलों में पैकेज्ड पेयजल और पनीर समेत अन्य खाद्य समाग्री कई प्रतिष्ठानों से नष्ट की गई है।
आम लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिहार सरकार का खाद्य संरक्षा विभाग के स्तर से राज्यभर में निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, सुरक्षित भंडारण, रसोई की स्वच्छता, खाद्य संरक्षा मानकों के अनुपालन और वैध लाइसेंस की जांच की जा रही है। सभी प्रमुख होटल, रेस्तरां, मिठाई प्रतिष्ठान, खाद्य निर्माण इकाइयां और पैकेज्ड पेयजल से जुड़े कारोबार विशेष रूप से जांच के दायरे में हैं। आमजन के स्वास्थ की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। इससे कोई समझौता नहीं किया जाएगा।