पटना : केन्द्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में आज 8 अक्टूबर, 2026 को आयोजित जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में लिए गए विभिन्न महत्वपूर्ण एवं सुधारात्मक निर्णयों का बिहार इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन ने स्वागत किया है। एसोसिएशन ने विशेष रूप से उन निर्णयों की सराहना की है, जिनका उद्देश्य जीएसटी व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी, उद्यमी-अनुकूल एवं विश्वास आधारित बनाना है। बिहार इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष राम लाल खेतान ने केन्द्रीय वित्त मंत्री के उस स्पष्ट दृष्टिकोण का विशेष रूप से स्वागत किया, जिसमें उन्होंने कहा कि “हमारा मकसद व्यापार को आसान बनाना है, डराना नहीं।” उन्होंने कहा कि सरकार का यह दृष्टिकोण देश के उद्यमियों, व्यापारियों एवं उद्योग जगत के प्रति विश्वास और सहयोग की भावना को मजबूत करता है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष राम लाल खेतान ने कहा कि गिरफ्तारी की शक्तियों में संतुलन, आपराधिक कार्रवाई के लिए कर चोरी की सीमा में वृद्धि, जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया का सरलीकरण, रिफंड प्रक्रिया में तेजी तथा इनपुट टैक्स क्रेडिट को सुरक्षित करने जैसे निर्णय व्यापार एवं उद्योग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इन सुधारों से न केवल अनुपालन का बोझ कम होगा, बल्कि उद्यमियों एवं व्यापारियों के बीच व्याप्त अनावश्यक भय में भी कमी आएगी तथा जीएसटी प्रशासन के प्रति विश्वास और भरोसा मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि जीएसटी अधिकारियों द्वारा न्यायालय की मंजूरी के बिना गिरफ्तारी की शक्ति को समाप्त किए जाने का निर्णय एक महत्वपूर्ण सुधार है। इसी प्रकार, कर चोरी के मामले में आपराधिक कार्रवाई की सीमा को ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ किए जाने से छोटे एवं मध्यम कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे मामूली अथवा तकनीकी चूकों और गंभीर कर अपराधों के बीच उचित अंतर स्थापित करने में मदद मिलेगी।
जीएसटी पंजीकरण प्रक्रिया में सुधार तथा फर्जी पंजीकरण पर अंकुश लगाने के लिए देशभर में बायोमेट्रिक आधार पर सत्यापन लागू करने का निर्णय भी स्वागत योग्य है। इससे वास्तविक कारोबारियों के लिए प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी तथा फर्जी एवं कागजी संस्थाओं के माध्यम से होने वाली कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। जीएसटी रिफंड की प्रक्रिया को तेज करते हुए निर्धारित समय-सीमा को 60 दिनों से घटाकर 17 दिन किए जाने का निर्णयद का स्वागत करते हुए एसोसिएषन के महासचिव श्री मनीष कुमार ने कहा कि जीएसटी काउंसिल का यह निर्णय उद्योग एवं व्यापार जगत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इससे विशेष रूप से निर्यातकों एवं कार्यशील पूंजी की आवश्यकता वाले व्यवसायों को राहत मिलेगी और उनकी नकदी प्रवाह की स्थिति बेहतर होगी।
एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष संजय गोयनका ने सामान्य दण्ड की राशि को ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 किए जाने के निर्णय का भी स्वागत किया है। श्री खेतान ने कहा कि अनुपालन संबंधी छोटी-मोटी त्रुटियों के लिए अत्यधिक दण्ड का प्रावधान व्यापारियों के लिए अनावश्यक कठिनाई पैदा करता था। दण्ड व्यवस्था को अधिक तर्कसंगत एवं अनुपातिक बनाया जाना स्वागत योग्य कदम है।
पूर्व BIA अध्यक्ष केपीएस केशरी ने काउंसिल की आज की बैठक में लिए गए निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया करते हुए कहा कि “जीएसटी व्यवस्था में सुधार का वास्तविक उद्देश्य केवल राजस्व संग्रह नहीं, बल्कि ऐसा कारोबारी वातावरण तैयार करना होना चाहिए जिसमें ईमानदारी से कारोबार करने वाला व्यक्ति स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और विश्वासपूर्ण महसूस करे। आज लिए गए निर्णय इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।”
बीआईए सचिव अनिल कुमार सिन्हा द्वारा जारी बयान में कहा गया है। एसोसिएशन का मानना है कि सरल कर व्यवस्था, स्थिर नीतियां, त्वरित रिफंड, पारदर्शी अनुपालन व्यवस्था और करदाताओं के प्रति विश्वास का वातावरण देश की आर्थिक प्रगति और आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है।