पटना/गयाजी : किसी भी विवाहिता के लिए हरितालिका तीज व्रत एक महत्त्वपूर्ण अनुष्ठान है। पति के घर से तीज -पुजाई आने का प्रचलन प्राचीन है। यह व्रत कर के माता पार्वती ने भगवान शंकर को प्राप्त किया। इस बात से सिद्ध होता है कि कुमारी भी इस व्रत करें तो शीघ्र ही मनोनुकूल पति प्राप्त करेंगी ।
🌺*भाद्रमासि सिते पक्षे तृतीयायाहस्तसंयुते।*
*तदनुष्ठान मात्रेण सर्वपापात्प्रमुच्यते।।🌺*
हस्त नक्षत्र से युक्त भाद्र शुक्ल तृतीया को यह व्रत करने से स्त्रियां सब पापों से मुक्त हो जाती हैं। सखियों द्वारा हरण होने के बाद वन में सखियों के साथ बालुकामयी प्रतिमा बना कर निर्जला रहते हुए शिव आराधना कर के भगवान शिव को प्रसन्न किया और शंकर भगवान के प्राकट्य होने बाद पति होने का वरदान प्राप्त किया। तब से इस व्रत का नाम हरितालिका पड़ा। स्त्रियां एकत्रित होकर केले का मंडप बना बालू के शिव पार्वती की प्रतिमा स्थापित कर के पूजा करें और गीत वाद्यादि करते हुए पूरे रात जाग कर आराध्य को प्रसन्न करें।
रात भर जागकर सुबह बांस के पात्र में अन्न भर कर दान करें…
🌷*तत्र चतुर्थी संहिता या तु सा तृतीया फलप्रदा।*
*अबैधव्यकरा स्त्रीणां पुत्र -पौत्रप्रवधिंनी।।*🌷
चतुर्थी मिला हुआ तृतीया विशेष फल प्रद है और अवैधव्यकारी और पुत्र – पौत्र को बढ़ाने वाली है अतएव रात भर जागकर सुबह बांस के पात्र में अन्न भर कर दान करें । लोकाचार के अंतर्गत बांस की डलिया में पकवान, फल , सौभाग्य सामग्री भी रहता है ।दान के बाद पालण करे यह शास्त्र सम्मत है ।
नि:संकोच पूर्व परम्परानुसार व्रत किया जाए…
14 सितंबर, 2026 सोमवार को सभी पंचांगों के अनुसार दिन के लगभग 7:15 तक तृतीया है परन्तु शुक्लपक्ष में औदयिक (सूर्योदय) तिथि का महत्व जाता है। अतः तृतीया चतुर्थी मिला शुभद है, जैसा कि ऊपर में संकेत किया हुआ है। नि:संकोच पूर्व परम्परानुसार व्रत किया जाए।
पूजा में बरतें यह खास सावधानी…
रात्रि में पूजा खूले आंगन में नही करके वरामदा या कमरे में करें क्योंकि चतुर्थी व्याप्त तिथि में चन्द्र दर्शन निषेध है इससे मिथ्या कलंक का सामना करना पड़ता है।
आप सभी को हरितालिका तीज व्रत की शुभकामनाएं…
