By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
BRBJ News
  • About us
  • Contact
  • Grievance
Notification
  • ट्रेंडिंग
    • लेटेस्ट न्यूज
  • खास खबर
    • ब्रेकिंग
    • इनफाइट्स
    • पर्यावरण
    • घुमक्कड़ी
  • सियासत
    • सियासी चौसर-24
  • ब्यूरोक्रेसी
    • अंदरखाने
  • पटना
    • रियल एस्टेट
  • ओपीनियन
    • इंटरव्यू
    • मुद्दा
  • क्राइम
  • एजुकेशन
    • काम की खबरें
    • रोजगार
    • यूथ/खेल
  • लीगल
    • सुप्रीम कोर्ट
    • हाई कोर्ट
    • अन्य कोर्ट
    • लॉ वर्ल्ड
  • कारोबार
    • उद्योग
    • व्यवसाय
  • राशिफल
    • पंचांग
    • धर्म / अध्यात्म
  • कला संस्कृति
    • साहित्य
  • सोशल मीडिया
  • लाइफ स्टाइल
    • हेल्थ लाइव
    • ग्लैमर
BRBJ NewsBRBJ News
Font ResizerAa
Search

Top Stories

Explore the latest updated news!

बांकीपुर पर फैसला महज कुछ घंटों में, उपचुनाव के बावजूद इस सीट पर क्यों टिकी हैं दुनिया की निगाहें, रिजल्ट किस तरह प्रभावित करेगा देश की राजनीति…!!

टीचर एडजस्टमेंट प्रोसेस पर उठ रहे सवाल, दायरे में आने वाले हजारों शिक्षकों में भारी बेचैनी – नाराजगी… आइए जानते हैं, क्यों है शिक्षा विभाग की प्रक्रिया पर आक्रोश

रेरा की कार्यप्रणाली पारदर्शी, सरल और डिजिटल हो, घर खरीदारों के हितों को मिले सर्वोच्च प्राथमिकता :- मुख्यमंत्री 

Stay Connected

Find us on socials
248.1kFollowersLike
61.1kFollowersFollow
InstagramFollow
165kSubscribersSubscribe
Follow US

Designed by Cotlas with love. Hosted on Host Niki

BRBJ News > ओपीनियन > मुद्दा > टीचर एडजस्टमेंट प्रोसेस पर उठ रहे सवाल, दायरे में आने वाले हजारों शिक्षकों में भारी बेचैनी – नाराजगी… आइए जानते हैं, क्यों है शिक्षा विभाग की प्रक्रिया पर आक्रोश
एजुकेशनखास खबरट्रेंडिंगमुद्दालेटेस्ट न्यूज

टीचर एडजस्टमेंट प्रोसेस पर उठ रहे सवाल, दायरे में आने वाले हजारों शिक्षकों में भारी बेचैनी – नाराजगी… आइए जानते हैं, क्यों है शिक्षा विभाग की प्रक्रिया पर आक्रोश

By BRBJ Desk
Published: August 2, 2026
Share
SHARE

भोला नाथ

पटना : बिहार के शिक्षकों में समायोजन/अधिशेष से जुड़ी नियमावली और इसको लेकर कुछ दिनों पहले जारी मानक संचालन प्रक्रिया यानी (SOP) के प्रति भारी नाराजगी दिख रही है। राज्य के शिक्षा विभाग द्वारा तैयार एसओपी के तहत जो शिक्षक पहले से स्कूल में पदस्थापित हैं, उन्हें अधिशेष शिक्षक के रूप में माना गया है। वहीं, वैसे शिक्षक जिनकी बिना किसी वेकेंसी या पद के बाद में पोस्टिंग की गई है, उन्हें पदस्थापित स्कूल में ही रहने दिया जा रहा है। समायोजन की इस प्रक्रिया से हजारों की संख्या में शिक्षक परेशान हैं। उनका कहना है कि यदि किसी स्कूल में पहल से किसी विषय के पद पर शिक्षक नियुक्त हैं और फिर भी जिन शिक्षकों को बिना रिक्ति वहां तैनाती कर दी गई है, तो विभाग पहले उन्हें अधिशेष मानते हुए उस स्कूल से हटाए और जिस विद्यालय में पद खाली है, वहां पदस्थापित करे। ना कि पहले से नियमानुसार पदस्थापित शिक्षकों को जबरन स्थानांतरण करने की तैयारी की जाए।

What's inside ?
भोला नाथपहले से तैनात संस्कृत शिक्षकों को हटाकर नए आए उर्दू शिक्षकों को रखेंगेतबादला चाहने वाले सुरक्षित और नहीं चाहने वालों से मांगे 30 स्कूल का विकल्पअजब-गजब : पुरुषों का गृह प्रखंड में तबादला नहीं, लेकिन, पहले वाले वहीं रहेंगेविधान पार्षद ने भी पत्र लिख त्रुटियों की ओर दिलाया ध्यान, संशोधन की मांग की

पहले से तैनात संस्कृत शिक्षकों को हटाकर नए आए उर्दू शिक्षकों को रखेंगे

इसी तरह किसी हाईस्कूल में मानक के अनुरूप अब 8 शिक्षक होंगे। इसके तहर भाषा विषय में तीन यानी – हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत के एक -एक शिक्षक पदस्थापित हैं। लेकिन, टीआर – 3 में कई हाईस्कूल में बिना रिक्ति व पद के उर्दू के शिक्षकों को पदस्थापित कर दिया गया है। वहीं, कई स्कूलों में मैथिली के शिक्षकों को भी पदस्थापित कर दिया गया है। उलटबांसी यह कि इसका खामियाजा अब पहले से पदस्थापित संस्कृत के शिक्षक को भुगतना पड़ेगा। भारतीय संस्कृति से जुड़ी सबसे प्राचीन भाषा संस्कृत के गुरुजी को ही अब अधिशेष शिक्षक के रूप में दिखाने की तैयारी है। यानी उनका जबरन तबादला होगा। इससे कई हाईस्कूलों में संस्कृत की पढ़ाई भी प्रभावित होगी। राष्ट्रवाद और भारतीय संस्कृति की दुहाई देने वाली मौजूदा ङबल इंजन की सरकार के लिए क्या यह चिंता की बात नहीं है। शिक्षकों का कहना है कि जरूरत के अनुरूप उर्दू शिक्षक रखे जाने चाहिए, मगर पहले उनके लिए पद तो सृजित हो।

तबादला चाहने वाले सुरक्षित और नहीं चाहने वालों से मांगे 30 स्कूल का विकल्प

यह भी गौरतलब है कि जिन शिक्षकों को स्थानांतरण चाहिए उनको भी समायोजन/अधिशेष शिक्षक के तहत सुरक्षित कर दिया गया है। वहीं, जिन शिक्षकों को स्थानांतरण नहीं चाहिए उसे इस प्रक्रिया के तहत जबरदस्ती 30 स्कूल का विकल्प देने के लिए कहकर हटाने की तैयारी हो रही है। यह भी ध्यान देने लायक है कि किसी स्कूल के एक पद पर पहले से शिक्षक नियुक्त है, पद रिक्त नहीं है, इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने उसी विषय में किसी जगह एक, किसी जगह दो और कहीं-कहीं तीन शिक्षक नियुक्त कर दिये हैं। शिक्षकों का कहना है कि यह कहां से न्याय संगत है कि जिन शिक्षकों को शिक्षा विभाग की गलती या कहें मनमानी से बिना वेकेंसी नियुक्त कर दिया गया, उनको उसी स्कूल में रहने दिया जाएगा।

अजब-गजब : पुरुषों का गृह प्रखंड में तबादला नहीं, लेकिन, पहले वाले वहीं रहेंगे

वहीं, इस नियमावली के तबादला प्रावधान के तहत पुरुष शिक्षकों का स्थानांतरण उनके गृह प्रखंड में नहीं हो सकेगा। लेकिन, पहले से गृह प्रखंड में नियुक्त शिक्षक वहीं रहेंगे। शिक्षकों का सवाल है कि क्या यह भेदभाव नहीं है? अन्यायपूर्ण नहीं है? शिक्षा विभाग को इस पर भी विचार करना चाहिए कि मौजूदा हालात के मद्देनजर हाईस्कूल (9वीं-दसवीं कक्षा के लिए) में छात्र-शिक्षक अनुपात की जगह विषयवार शिक्षक की जरूरत है। इनमें – विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी और अतिरिक्त विषय में संगीत/गृह विज्ञान, यानी ये सात विषय के शिक्षक किसी भी हाईस्कूल में अनिवार्य रूप से होने चाहिए ही चाहिए।

विधान पार्षद ने भी पत्र लिख त्रुटियों की ओर दिलाया ध्यान, संशोधन की मांग की

शिक्षक नेता सह विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी ने इस मुद्दे पर गत 27 जुलाई को शिक्षा विभाग को पत्र भी भेजा है। इसमें उनका कहना है कि एक ओर राज्य सरकार सभी शिक्षकों को प्रखंडों में पदस्थापित करने के लिए स्थानांतरण का संकल्प जता रही है, वहीं, गत 21 जुलाई, 26 को बिहार विधानसभा में शिक्षा मंत्री द्वारा बताया गया कि राज्य में 63,074 शिक्षक सरप्लस हैं। अब सबसे बड़ी समस्या यह है कि जब राज्य में कार्यरत शिक्षकों की संख्या सरप्लस है, तो फिर बिना रिक्ति के इनका स्थानांतरण कहां किया जाएगा? इससे भी अधिक गंभीर बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में सरप्लस शिक्षकों की बहाली कैसे कर दी गई? इनके पदों की स्वीकृति देने वाले पदाधिकारी कौन हैं और ऐसे सरप्लस शिक्षकों के वेतन भुगतान के रूप में लोक धन की जो विपुल राशि का व्यय हो रहा है, उसके लिए जिम्मेवार कौन हैं और उनके विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है? पत्र में उन्होंने गत 21 जुलाई को तबादले को लेकर जारी की गई एसओपी में कई बड़ी त्रुटियों का जिक्र करते हुए इसमें संशोधन की मांग की है।

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form id=4730 element_id="post-form"]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp LinkedIn Telegram
What do you think?
Love0
Sad0
Cry0
Happy0
Joy0
Angry0
Surprise0
Previous Article रेरा की कार्यप्रणाली पारदर्शी, सरल और डिजिटल हो, घर खरीदारों के हितों को मिले सर्वोच्च प्राथमिकता :- मुख्यमंत्री 
Next Article बांकीपुर पर फैसला महज कुछ घंटों में, उपचुनाव के बावजूद इस सीट पर क्यों टिकी हैं दुनिया की निगाहें, रिजल्ट किस तरह प्रभावित करेगा देश की राजनीति…!!
Leave a Comment Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

You must be logged in to post a comment.

Latest News

बांकीपुर पर फैसला महज कुछ घंटों में, उपचुनाव के बावजूद इस सीट पर क्यों टिकी हैं दुनिया की निगाहें, रिजल्ट किस तरह प्रभावित करेगा देश की राजनीति…!!
August 2, 2026
रेरा की कार्यप्रणाली पारदर्शी, सरल और डिजिटल हो, घर खरीदारों के हितों को मिले सर्वोच्च प्राथमिकता :- मुख्यमंत्री 
August 1, 2026
सीएम सम्राट ने मेट्रो निर्माण के दौरान बेली रोड पर स्मूथ ट्रैफिक सुनिश्चित करने के लिए दिये कई निर्देश
August 1, 2026
सहयोग शिविर का नया रिकॉर्ड: 5.83 लाख आवेदन आए, 5.33 लाख से अधिक का समाधान
July 31, 2026

Related Stories

Uncover the stories that related to the post!
एजुकेशनखास खबरब्यूरोक्रेसीयूथ/खेललेटेस्ट न्यूज

नई व्यवस्था : बिहार में स्कूलों का समय बदला, ड्रेस के लिए फिर खाते में जाएंगे पैसे

education
एजुकेशनट्रेंडिंग

शिक्षा विभाग को अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण नहीं करना चाहिए : राज्यपाल

कला संस्कृतिउद्योगकारोबारखास खबरपटनाव्यवसायसियासत

बांकीपुर क्लब के नए ‘सम्राट’ बने महेश, दोनों खेमों की आम सहमति से हुई ‘ताजपोशी’

क्राइम स्टोरीखास खबरट्रेंडिंगलीगल बैटल

सासाराम : किशोरी से दुष्कर्म मामले में पुजारी को 20 साल कैद

काम की खबरेंखास खबरपटनाहेल्थ लाइव

STATE-OF-THE-ART में ढला अपना PMCH, भव्यता, सुविधा व SPACE में कोई सानी नहीं, कहीं नहीं टिक रहे पटना के निजी अस्पताल, विश्वास न हो तो खुद देख लीजिए…!!

कला संस्कृतिखास खबरधर्म / अध्यात्म

कैबिनेट की खबर-1 : चुनाव से पहले नीतीश सरकार का अहम फैसला, आयोध्या के राममंदिर की तर्ज पर पुनौराधाम में 882 करोड़ से बनाएगी जानकीमंदिर

खास खबरसियासत

पीके के जनसुराज अभियान से राजद की पेशानी पर बल, पार्टीजनों को चेताया

काम की खबरेंकारोबारखास खबरव्यवसाय

बिहार चुनाव से पहले नीतीश कैबिनेट का अहम फैसला : हर परिवार की एक महिला को 10 हजार

Show More
BRBJ News

Welcome to BRBJ News , your go-to source for insightful articles on the ever-evolving worlds of technology, digital marketing, and web design. Explore our collection of expert-driven content designed to inspire, inform, and empower your journey in these dynamic fields.

  • Popular:
  • खास खबर
  • सियासत
  • पटना
  • ट्रेंडिंग
  • लेटेस्ट न्यूज
  • काम की खबरें

Important Links

  • About
  • Grievance Form
  • Grievance Report
  • Contact
  • Privacy Policy
  • Terms of Use
  • GDPR Policy

User Interests

  • My Saves
  • My Interests
  • My Feed
  • Reading History

Follow us

All Rights Reserved. © BRBJ News. Design by Cotlas. Hosted on Host Niki
Join Us!
Subscribe to our newsletter and never miss our latest news, podcasts etc.
[mc4wp_form id=4730 element_id="popup-form"]
Zero spam, Unsubscribe at any time. Read our privacy policy here.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?