तीन साल में आवासधारकों को मिलेंगे नए आधुनिक फ्लैट
तब तक दूसरीजगह रहने के लिए ट्रांजिट किराया देगा बोर्ड
नगर विकास व आवास प्रधान सचिव ने की बैठक, आवासधारकों द्वारा सहमति देने का दावा
स्कूल, अस्पताल, जिम, मैरेज हॉल, अस्पताल, बैंक, बहुउद्देशीय हॉल व धार्मिक भवन भी बनेगा
पटना : राज्य सरकार ने बहादुरपुर आवास बोर्ड कॉलोनी को हाईटेक स्वरूप में पुनर्विकसित करने की तैयारी आरंभ कर दी है। आज मंगलवार 14 जुलाई को सरदार पटेल मार्ग स्थित बिहार राज्य आवास बोर्ड के सभागार में बोर्ड, एनबीसीसी (NBCC) एवं कॉलोनी के आवासधारकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने की। प्रधान सचिव ने विश्वास व्यक्त किया कि यह परियोजना राज्य में आवास पुनर्विकास की दिशा में एक अनुकरणीय पहल सिद्ध होगी। बैठक में बोर्ड एवं विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
अभी लगभग 32.5 एकड़ में अवस्थित एलआईजी एवं एमआईजी कालोनी
प्रधान सचिव विनय कुमार ने कहा कि सरकार बहादुरपुर आवास बोर्ड कॉलोनी के पुनर्विकास हेतु कृतसंकल्प है तथा आवासधारकों की सहमति प्राप्त होने पर पुनर्विकास कार्य कराया जाएगा। इस हेतु एनबीसीसी द्वारा विस्तृत योजना तैयार की गई है। लगभग 32.5 एकड़ में अवस्थित एलआईजी एवं एमआईजी आवासों को पुनर्निर्मित कर आधुनिक सुविधाओं से युक्त सुसज्जित परिसर विकसित किया जाएगा, जिसमें 18 मंजिला भवन, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, जिम, विद्यालय, मैरेज हॉल, अस्पताल, बैंक, बहुउद्देशीय हॉल एवं धार्मिक भवन का निर्माण सम्मिलित है।
350 आवासधारकों पर 3 से 40 लाख बकाया, एकमुश्त देने पर 70% तक छूट
उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य तीन वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है तथा इस अवधि में आवासधारकों को अन्यत्र निवास हेतु सरकार द्वारा किराया (Transit Rent) उपलब्ध कराया जाएगा। प्रधान सचिव ने कहा कि कॉलोनी के 350 से अधिक आवासधारकों पर ₹3 लाख से ₹40 लाख तक की राशि बकाया है, जिस पर 14 प्रतिशत ब्याज देय है। एकमुश्त भुगतान करने वाले आवासधारकों को 70 प्रतिशत तक की छूट देने की योजना बनाई जा रही है; यह सुविधा समस्त आवासधारकों की सहमति प्राप्त होने पर लागू होगी। नवनिर्मित आवासों को फ्री-होल्ड कर दिया जाएगा। सरकार कॉलोनी में निवास करने वाले समस्त व्यक्तियों के हित में कार्य कर रही है।
उत्कृष्ट कनेक्टिविटी : भूतनाथ मेट्रो स्टेशन के निकट अवस्थित है परियोजना
परियोजना स्थल की एक प्रमुख विशेषता इसकी उत्कृष्ट कनेक्टिविटी है — यह कॉलोनी भूतनाथ मेट्रो स्टेशन के निकट अवस्थित है, जिससे आवासधारकों को सुगम आवागमन का विशेष लाभ प्राप्त होगा। नवीन परिसर में बहुस्तरीय पार्किंग, हरित उद्यान एवं खुले क्षेत्र, वर्षा-जल संचयन, सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था, चौबीसों घंटे जलापूर्ति एवं विद्युत आपूर्ति तथा सुदृढ़ सुरक्षा प्रबंध जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
परियोजना रेरा के अंतर्गत निबंधित कराई जाएगी
पुनर्विकास योजना के अंतर्गत कॉलोनी के सैकड़ों एलआईजी एवं एमआईजी आवासधारक परिवारों को पूर्व की तुलना में अधिक सुविधायुक्त, सुनियोजित एवं उत्तम गुणवत्ता के नवीन फ्लैट उपलब्ध कराए जाएँगे। परियोजना में पारदर्शिता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने हेतु इसे रेरा (RERA) के अंतर्गत निबंधित कराया जाएगा तथा निर्माण कार्य चरणबद्ध रूप से इस प्रकार कराया जाएगा कि आवासधारकों का पुनर्वास सुव्यवस्थित ढंग से हो सके।
आवासधारकों ने परियोजना के पुनर्विकास पर अपनी सहमति दी
बैठक के दौरान एनबीसीसी द्वारा पावर-प्वाइंट प्रस्तुतीकरण (PPT) के माध्यम से नवीन परियोजना की विस्तृत जानकारी दी गई। परियोजना की रूपरेखा से संतुष्ट होकर उपस्थित आवासधारकों ने पुनर्विकास हेतु अपनी सहमति प्रदान की।
फ्री-होल्ड वाले आवासधारकों को नए फ्लैट के आवंटन में इंसेंटिव
बिहार राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक निलेश रामचंद्र देवरे ने कहा कि सम्पूर्ण क्षेत्र नए सिरे से सुसज्जित किया जाएगा तथा वहां निवास करने वाले लोगों को सरकार द्वारा नवीन आवास उपलब्ध कराए जाएँगे। उन्होंने कहा कि जितनी शीघ्र सहमति प्राप्त होगी, उतनी शीघ्र निर्माण कार्य आरंभ होगा। जिन आवासधारकों ने फ्री-होल्ड करा लिया है, उन्हें नए फ्लैट के आवंटन में प्रोत्साहन (इंसेंटिव) प्रदान किया जाएगा। जिन पर कोई देनदारी नहीं है, उन्हें अपनी पसंद का फ्लैट चुनने की स्वतंत्रता होगी, जबकि बकायाधारी आवासधारकों को लॉटरी के माध्यम से फ्लैट आवंटित किया जाएगा। एकमुश्त राशि जमा करने वाले आवासधारकों को देय राशि में छूट प्रदान की जाएगी।
आवासधारकों की सुविधा को बोर्ड कार्यालय में “समाधान केंद्र”खुला
आवासधारकों की सुविधा हेतु बोर्ड कार्यालय में “समाधान केंद्र”की स्थापना की गई है, जहाँ से सहमति-प्रपत्र एवं परियोजना संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है। बोर्ड ने समस्त आवासधारकों एवं हितधारकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित अवधि के भीतर अपनी सहमति प्रदान कर इस जनहितकारी योजना में सहयोग करें, ताकि निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ किया जा सके।