अखिल भारतीय असैनिक सेवा संगीत, नृत्य एवं लघु नाट्य प्रतियोगिता में सजा कला का मंच
बीआबीजे न्यूज, पटना। बिहार सचिवालय स्पोर्ट्स फाउंडेशन के तत्वावधान और केंद्रीय सिविल सेवा सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा बोर्ड, भारत सरकार के मार्गदर्शन में ‘अखिल भारतीय असैनिक सेवा संगीत, नृत्य एवं लघु नाट्य प्रतियोगिता 2024-25’ का शुभारंभ मंगलवार को हुआ। इसी कड़ी में बुधवार को उर्जा स्टेडियम राजवंशी नगर पटना में अलग-अलग राज्यों से आए सिविल सेवा के अधिकारियों ने मंच पर अपनी कला का प्रदर्शन किया और दर्शकों-जजों का दिल जीत लिया। प्रतियोगिता में संगीत, नृत्य और नाट्य विधाओं के माध्यम से सामाजिक मुद्दों, देशभक्ति और मानवीय संवेदनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम तीन मार्च तक आयोजित होगा
इस आयोजन का उद्देश्य कला और संस्कृति के प्रति रुचि बढ़ाना और सिविल सेवा के इन अधिकारियों की प्रतिभा को राष्ट्रीय स्तर पर मंच प्रदान करना है। आने वाले दिनों में कई रोचक और प्रेरणादायक प्रस्तुतियां देखने के लिए मिलेगी। यह कार्यक्रम तीन मार्च तक आयोजित किया जा रहा है। बुधवार की प्रस्तुति में छत्तीसगढ़ सेक्रेटेरिएट, हरियाण, कर्नाटक सेक्रेटेरिएट, आरएसबी चंडीगढ, हैदराबाद, आरएसबी मुंबई ने भाग लिया।
समाज के दोहरे रवैये को उजागर करता मंचन
कार्यक्रम में हरियाणा की तरफ नाटक ‘बलात्कार’ का मंचन किया गया। यह नाटक महिलाओं के प्रति समाज के दोहरे रवैये को उजागर करता है। जहां एक पिता समान व्यक्ति ही लड़की की अस्मिता पर हमला करता है। वहीं, परिस्थितियों से जूझती हुई नायिका अंततः न्याय प्राप्त करती है।
मुंबई की तरफ से ‘उनीवांची गोष्ठा’का मंचन
आरएसबी मुंबई ने ‘उनीवांची गोष्ठा’ नाटक की प्रस्तुति दी। इस नाटक में एक अंधे युवक और गूंगी लड़की की शादी के बाद उत्पन्न हुई परिस्थियों को प्रस्तुत किया गया। इस मंचन का संदेश यह रहा कि यदि हम एक-दूसरे की कमियों को स्वीकार कर साथ दें, तो जीवन सुखमय हो सकता है। आरएसईबी, चंडीगढ़ की तरफ से संक्रमण की प्रस्तुति दी गई। पारिवारिक रिश्तों पर आधारित यह नाटक बाप-बेटे की पीढ़ीगत खाई को दर्शाता है, जहां आधुनिकता और परंपराओं के टकराव के बीच समझौते की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है।
बिहार की ओर से हुआ पोरस -सिंकदर का मंचन
अखिल भारतीय असैनिक सेवा संगीत, नृत्य एवं नाट्य प्रतियोगिता 2024-25 के कार्यक्रम में बिहार सचिवालय टीम द्वारा सिकंदर-पोरस की एतिहासिक कहानी पर नाट्य मंचन किया गया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों की खूब तारीफ बटोरी। बिहार के अधिकारियों द्वारा प्रदर्शित पोरस और सिकंदर नाटक भारत की अजेय शक्ति और स्वाभिमान को दर्शाता है, यह संदेश देता है कि भारतीय विपरीत से विपरीत परिस्थितियों में भी कभी झुके नहीं, कभी थके नहीं और गौरवशाली इतिहास को अजेय बनाए रखा।
दर्शकों को गंभीर संदेश देने में कामयाब
इस प्रतियोगिता ने समाज के विभिन्न पहलुओं को मंच पर जीवंत किया और दर्शकों को गंभीर संदेश देने में कामयाब रहा। दिन भर चले नाट्य मंचन कार्यक्रम में आयोजन सचिव, राहुल कुमार (भाप्रसे), विजय प्रकाश णा (भाप्रसे), अभिषेक रंजन (भाप्रसे), विनोद दूहन (भाप्रसे), साहिला ((भाप्रसे), प्रतिभा रानी (भाप्रसे), निखिल धनराजर निप्पनीकर (भाप्रसे), शेखर आनन्द (भाप्रसे), आशुतोष द्विवेदी (भाप्रसे) एवं अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति बनी रही।