पटना : बिहार में उद्योगों के विकास के लिए गंभीर पहल की गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि प्रतिमाह उद्योग मंत्री एवं सचिव उद्यमियों के साथ बैठक करेंगे। सीएम ने बीआईए के 82 वें वार्षिक समारोह का शुभारंभ किया…। उन्होंने जिलों में उद्योगपतियों के साथ मासिक बैठक में डीएम एवं एसपी की भागीदारी सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया…! कहा, राज्य में फार्मास्यूटिकल पॉलिसी भी तैयार है…!
मुख्यमंत्री श्री चौधरी आज गुरुवार यानी 5 नवम्बर 2026 को बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (बीआईए) के 82वें वार्षिक समारोह का शुभारंभ के मौके पर बोल रहे थे। बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन सभागार में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में उद्योग एवं निवेश को बढ़ावा देने के लिए हर महीने उद्योग मंत्री के स्तर पर बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन तथा अन्य औद्योगिक संगठनों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी। इन बैठकों में उद्यमियों की समस्याओं, औद्योगिक नीतियों में आवश्यक बदलाव एवं निवेश से जुड़े सुझावों पर चर्चा होगी। उद्योगपतियों की बैठक में प्रत्येक माह जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहें इसके लिए सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा। उद्योग विभाग इसकी मॉनिटरिंग करेगा और आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री स्तर से भी इसकी समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1943 में स्थापित बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन पिछले 82 वर्षों से राज्य की औद्योगिक एवं आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। एसोसिएशन का यह गौरवशाली सफर बिहार के विकास के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक वर्ष में बिहार में एक हजार से अधिक बड़ी औद्योगिक इकाइयों को धरातल पर उतारने की दिशा में काम किया गया है। इसके लिए उद्यमियों को जमीन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उद्योग स्थापना में आ रही विभिन्न प्रकार की प्रशासनिक एवं कानूनी बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया गया है। राज्य में निवेश एवं औद्योगिक विकास को गति देने के लिए सेमीकंडक्टर पॉलिसी, जीसीसी पॉलिसी, आईटी पॉलिसी एवं एआई पॉलिसी बनाई गई हैं।
राज्य में फार्मा उद्योगों के विकास के लिए फार्मास्यूटिकल पॉलिसी भी तैयार हो चुकी
राज्य में फार्मा उद्योगों के विकास के लिए अलग नीति बनाए जाने के सुझाव पर मुख्यमंत्री ने कहा कि फार्मास्यूटिकल पॉलिसी भी तैयार हो चुकी है। इस दिशा में फार्मास्यूटिकल कंपनियों एवं उद्यमियों के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि बिहार में उद्योगों की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। सरकार ने ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत 30 दिनों के अंदर उद्योगों को एनओसी देने की व्यवस्था की है। निर्धारित समय-सीमा में एनओसी नहीं मिलने पर डीम्ड डिक्लेरेशन का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सहयोग कार्यक्रम के माध्यम से पिछले पांच महीनों में आम लोगों से प्राप्त 13 लाख आवेदनों में 96 प्रतिशत का निष्पादन किया जा चुका है। उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए सरकार आगे भी आवश्यक नीतियां, प्रोत्साहन पैकेज एवं प्रशासनिक सुधार लागू करती रहेगी।
गयाजी में इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गयाजी में इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। बिहार में 12 नए सैटेलाइट टाउनशिप विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें अर्बन टाउनशिप, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, स्कूल, कॉलेज एवं अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पाटलिपुत्र टाउनशिप को लगभग 80 हजार एकड़ भूमि पर विकसित करने की योजना है। इसमें जमीन देने वाले भू-स्वामियों को विकसित भूमि का 55 प्रतिशत हिस्सा वापस करने का प्रावधान है। स्वेच्छा से जमीन देने वाले भू-स्वामियों को चार गुना मुआवजे के अतिरिक्त 10 प्रतिशत राशि देने की व्यवस्था भी की गई है।
बीआईए सदस्यों एवं उद्योग जगत से जुड़े सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं
मुख्यमंत्री ने बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सदस्यों एवं उद्योग जगत से जुड़े सभी लोगों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एसोसिएशन की ओर से मिलने वाले सुझावों एवं समस्याओं का हरसंभव समाधान किया जाएगा। बिहार में उद्योग एवं निवेश को गति देने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने उद्यमियों से बिहार के औद्योगिक विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं उपलब्धियों के लिए सम्मानित हुए
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं उपलब्धियों के लिए राज्य की औद्योगिक इकाइयों से जुड़े उद्यमियों जगजीवन सिंह को एसआर रूंगटा मेमोरियल अवार्ड, गौरव साह को बीपी गुप्ता मेमोरियल अवार्ड तथा अरुण अग्रवाल को डीपी साबू मेमोरियल अवार्ड से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री द्वारा बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के निवर्तमान पदाधिकारियों उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार अग्रवाल, उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार, महासचिव अमरनाथ जायसवाल एवं कोषाध्यक्ष अरविंद कुमार को अंगवस्त्र, फोटो एलबम एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में बीआईए के अध्यक्ष रामलाल खेतान ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर उनका स्वागत किया।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के महासचिव मनीष कुमार, उपाध्यक्ष वासुदेव प्रसाद एवं देव प्रकाश सिंह, लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष श्याम सुंदर भीमसरिया, बिहार इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष केपीएस चौधरी सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं उद्योग जगत से जुड़े गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सरकार एवं उद्योग जगत के बीच निरंतर संवाद जरूरी : खेतान
बीआईए अध्यक्ष रामलाल खेतान ने बिहार के समग्र एवं सतत विकास में उद्योग तथा औद्योगीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बिहार में उपलब्ध अपार संसाधनों, प्रतिभा एवं उद्यमशीलता की क्षमता का समुचित उपयोग करते हुए राज्य को तीव्र औद्योगिक प्रगति की दिशा में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। इसके लिए सरकार एवं उद्योग जगत के बीच निरंतर संवाद, सहयोग एवं समन्वय अत्यंत आवश्यक है।