पटना। बिहार विधान सभा अध्यक्ष नन्द किशोर यादव ने कहा है कि अखिल भारतीय पीठासीन पदाधिकारियों के सम्मेलन की मेजबानी बिहार के लिए एक गौरवशाली अवसर है। बिहार आ रहे देश भर के सभी अतिथियों के स्वागत में हमें कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना है। अतिथि जब यहां से विदा हों, तो बिहार, बिहार का आतिथ्य सत्कार, बिहार की समृद्ध विरासत और बिहार का विकास लंबे समय तक उनके दिलो-दिमाग में छाया रहे। आप सब सभा सचिवालय के ही नहीं, बल्कि बिहार के प्रतिनिधि के रूप में पूरी तत्परता और संवेदनशीलता से इससे संबंधित व्यवस्था हर हाल में आज अंतिम रूप से सुनिश्चित कर लें।” श्री यादव ने अपने कार्यालय कक्ष में अखिल भारतीय पीठासीन पदाधिकारियों के 85वें तथा सचिवों के 61वें सम्मलेन के आयोजन संबंधी तैयारियों की समीक्षा के लिए सभा सचिवालय के अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक में कही।
बिहार की गाथा पर एक लघु फिल्म दिखाई जायेगी
बैठक के दौरान विस अध्यक्ष श्री यादव ने कहा कि दिनांक 20 जनवरी को सेंट्रल हॉल में अखिल भारतीय पीठासीन पदाधिकारियों की आयोजित बैठक के उदघाटन सत्र के दौरान बिहार की समृद्ध संस्कृति और विरासत तथा विकसित होते बिहार की गाथा पर एक लघु फिल्म दिखाई जायेगी ताकि अतिथिगण उससे रूबरू हो सकें। विस अध्यक्ष श्री यादव ने बैठक के दौरान आगत अतिथियों की आगवानी, स्वागत, आवासन, परिवहन, पर्यटन स्थलों के भ्रमण और विदाई संबंधी एक-एक बिंदुओं की गहन समीक्षा की और सभी पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिया। यह जानकारी बिहार विधान सभा सचिवालय के जनसंपर्क विभाग से दी गई है।
विधान सभा की त्रैमासिक पत्रिका “विधान प्रबोधनी” का विमोचन किया
श्री यादव ने अपने कार्यालय कक्ष में विधान सभा की त्रैमासिक पत्रिका “विधान प्रबोधनी” का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह पत्रिका विधायिका से जुड़े विभिन्न पहलुओं और संसदीय प्रणाली से जुड़ी कई सारगर्भित आयामों को अपने में समेटे हुए है। यह संसदीय प्रणाली तथा विधायी कार्यों में रूचि रखने वाले पाठकों के ज्ञानवर्धन में सहायक साबित होगी। इसके माध्यम से स्व. सुशील कुमार मोदी जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके व्यक्तित्व एवम् कृतित्य पर भी प्रकाश डाला गया है। इस अवसर पर बिहार विधान सभा की प्रभारी सचिव ख्याति सिंह सहित सभा सचिवालय के अन्य पदाधिकारीगण भी मौजूद रहे ।