बीआरबीजे न्यूज, पटना 14 मार्च 2025 :
पटना। जिस शख्स के दिल में निर्दोष जानवरों के प्रति दया का भाव नहीं, वह किसी इंसान से कतई प्यार नहीं कर सकता। हाल ही में एक मासूम कुत्ते पर बर्बर जुल्म ढाने वाले युवकों को सबक सिखाने के लिए एनिमल अधिकारों का संरक्षण करने वाली एक संस्था ने जो प्रयास किए, वह मिसाल है। यह घटना बिहार की है। पेटा इंडिया की ओर से जारी बयान के मुताबिक एक बेहद परेशान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें तीन युवक एक डरे हुए कुत्ते को जकड़ते हुए दिखाई दिए, जबकि एक अन्य लड़का दरांती से कुत्ते की पूंछ काट रहा था। इस घटना के बाद पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (PETA) इंडिया ने स्ट्रीट डॉग्स ऑफ बॉम्बे और स्थानीय कार्यकर्ता प्रीति प्रियदर्शिनी के साथ मिलकर FIR दर्ज करवाई। PETA इंडिया की शिकायत के आधार पर, मंसाही पुलिस स्टेशन में FIR (नं. 29/25) दर्ज की गई, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 325 और धारा 3(5) के तहत और पशु क्रूरता निवारण (PCA) अधिनियम, 1960 की धारा 11(1) (1) के तहत मामला दर्ज किया गया।
उत्पीड़न का वीडियो मुख्य आरोपी ने अपलोड किया था
पेटा के मुताबिक इस भयंकर उत्पीड़न का वीडियो मुख्य आरोपी ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड किया था। इस वीडियो में आरोपी बेशर्मी से कुत्ते की पूंछ काटते हुए और फिर उसे ट्रॉफी की तरह लहराते हुए दिखाई दे रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि पुलिस हस्तक्षेप के बाद यह वीडियो हटा लिया गया है।
पेटा ने वरीय पुलिस अधिकारियों के प्रयास को सराहा
PETA इंडिया की क्रुएल्टी रिस्पांस कोर्डिनेटर सुनयना बसु का कहना है कि “जो लोग पशुओं के प्रति क्रूरता करते हैं वे अक्सर मनुष्यों को भी नुकसान पहुँचाते हैं। इसलिए सभी की सुरक्षा हेतु जरूरी हैं कि जनता पशुओं के प्रति क्रूरता के मामलों की रिपोर्ट दर्ज कराए। हम श्री कुंदन कृष्णन, IPS, एडिशनल जनरल ऑफ पुलिस (हेडक्वार्टर्स), बिहार पुलिस और श्री वैभव शर्मा, IPS, कटिहार सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (SP) के प्रयासों की सराहना करते हैं, जिन्होंने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि पशुओं के प्रति क्रूरता किसी भी रूप में स्वीकार्य नहीं होगी।”
पशुओं के खिलाफ क्रूरता करने वाले अक्सर मनुष्यों को भी चोट पहुंचाते
बयान के मुताबिक PETA इंडिया पशु क्रूरता के अपराधियों की मनोदशा का मूल्यांकन और काउंसलिंग की सिफारिश करता है क्योंकि पशुओं के प्रति शोषण के कृत्य एक गहरी मानसिक अशांति को इंगित करते हैं। शोध से पता चला है जो पशुओं के खिलाफ क्रूरता करते हैं, वह अक्सर आगे चलकर अन्य पशुओं व मनुष्यों को भी चोट पहुंचाने का प्रयास करते हैं। फोरेंसिक रिसर्च रिसर्च एंड क्रिमिनोलॉजी नेशनल जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक “जो लोग पशु क्रूरता में शामिल होते हैं, उनके अन्य अपराध करने की संभावना 3 गुना अधिक होती है, जिसमें हत्या, बलात्कार, डकैती, हमला, उत्पीड़न, धमकी और नशीली दवाओं/मादक द्रव्यों का सेवन शामिल है।”
कई गंभीर अपराधियों की क्रूरता की शुरुआत निर्दोष पशुओं पर अत्याचार से
पेटा द्वारा जारी बयान के अनुसार, इतिहास गवाह है कि कई गंभीर अपराधियों की क्रूरता की शुरुआत निर्दोष पशुओं पर अत्याचार करने से हुई थी। अमेरिका में, अल्बर्ट डेसाल्वो, जिसने 13 महिलाओं की हत्या की, बचपन में कुत्तों और बिल्लियों को फंसाकर उन पर तीर चलाता था। वहीं, कुख्यात सीरियल किलर जेफरी डामर मेंढकों, बिल्लियों और कुत्तों के सिर काटकर डंडों पर टांग देता था, मानो वे केवल खिलोने हों। UK में स्टीवन बार्कर, जिसने एक मासूम बच्चे को यातनाएँ देकर उसकी मौत में भूमिका निभाई, बचपन में छोटे पशुओं को प्रताड़ित करने में आनंद लेता था। वह गिनी पिग्स को यातनाएं देता और मेंढकों की खाल उतारने के बाद उनके पैर तोड़ देता था। वहीं, भारत में अमीरुल इस्लाम, जिसे केरल की कानून छात्रा जीशा के बलात्कार और हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई गई, पहले कुत्तों और बकरियों पर जुल्म ढाता था।
पशु मनुष्यों द्वारा शोषित होने के लिए नहीं : पेटा
बयान के मुताबिक PETA इंडिया जो इस धारणा में विश्वास रखता है कि “पशु मनुष्यों द्वारा शोषित होने के लिए नहीं है”, सभी नागरिकों से आग्रह करता है कि यदि वे किसी घायल पशु को देखें, तो तुरंत किसी पशु चिकित्सक या मान्यता प्राप्त बचाव संगठन से संपर्क करें। इसके साथ ही, यह आवश्यक है कि घायल पशु के पास रुककर यह सुनिश्चित किया जाए कि उसे उचित उपचार और देखभाल प्राप्त हो।
PETA ने आपातकालीन हेल्पलाइन नम्बर जारी की
PETA इंडिया ने अपनी 24/7 आपातकालीन हेल्पलाइन 9820122602 जारी की है। इस पर कॉल करके किसी भी घायल या परेशानी में फँसे पशु के लिए तुरंत मदद और जरूरी सलाह ली जा सकती है।