अतिक्रमणकारियों की उड़ी नींद ……1
बीआरबीजे न्यूज (दानापुर) पटना। विस्तारित पटना के इंफ्रास्ट्रक्चरल विकास को मूर्तरूप दिया जा रहा है। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए राज्य सरकार की नजर दानापुर के अतिव्यस्त गोला रोड पर भी गई है। यह सड़क दानापुर को सीधे उत्तर से दक्षिण पटना के अतिमहत्वपूर्ण बेली रोड (नेहरू मार्ग) को जोड़ता है। बीच में बसी लगभग 5 लाख की आबादी को जाम से राहत देने के लिए इस सड़क को चार लेन का बनाने की योजना है। पटना के जिलाधिकारी डा. चन्द्रशेखर सिंह के हाल के निरीक्षण के दौरान इसका खुलासा हुआ। जब से यह जानकारी सामने आई है, अतिक्रमणकारियों की नींद उड़ गई है।
कभी 90 फीट हुआ करती थी गोलारोड की चौड़ाई
मालूम हो कि गोाला रोड अभी दो लेन का है। तिसपर अतिक्रमण के कारण जाम से कराहते इस सड़क की व्यथा यहां पुराने बाशिंदे बेहतर जानते हैं। एक समय यह सड़क 90 फीट चौड़ी हुआ करती थी। बेली रोड से दानापुर जाने के क्रम में दाहिनी ओर यानी पूरब की तरफ लगभग 30 फीट चौड़ा आहर भी हुआ करता था। इस आहर का आज की तारीख में अस्तित्व नहीं है। इस मुद्दे पर चर्चा अगली किस्त में। वहीं, गोला रोड भी 90 फीट से घटकर 25 – 30 या बड़ी हद 35 फीट (वह भी कहीं कहीं हीं) रह गई है। किन बड़े स्वनामधन्य लोगों ने गोला रोड की यह हालत की है, इसका जिक्र भी बाद की कड़ी में। पहले जानते हैं कि फोर लेन सड़क निर्माण के लिए गोला रोड कितनी चौड़ी होनी चाहिए। या कहें कि किसी सड़क को फोर लेन बनाने का सरकारी मानक क्या है?
गोला रोड के चौड़ीकरण की जिम्मेदारी आरसीडी को
गोाला रोड के चौड़ीकरण की जिम्मेदारी सड़क निर्माण कार्य से जुडे राज्य सरकार के प्रमुख विभाग पथ निर्माण विभाग (आरसीडी) को दी जानी है। पहले भी इस सड़क का निर्माण इसी विभाग ने मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड के तहत किया था। आइए जानते हैं, इसी विभाग के एक वरिष्ठ अभियंता के अनुसार कि आखिर फोर लेन सड़क निर्माण के लिए कितनी चौड़ाई की दरकार होती है।
चार लेन को कम से कम 84 फीट चौड़ाई की दरकार
वरिष्ठ अभियंता के मुताबिक किसी भी फोर लेन सड़क के लिए इसके आने जाने के दोनों रास्ते दो दो लेन के होंगे और इस हर दो लेन की चौड़ाई सात मीटर यानी दोनों ओर के लेनों को मिलाकर देखें तो यह सात जमा सात यानी 14 मीटर न्यूनतम होनी चाहिए। साथ ही, चार लेन सड़क के लिए नियमानुसार बीच में दो मीटर का डिवाईडर भी बनेगा। इसके अलावा दोनों ओर ढाई – ढाई मीटर का फ्लैंक यानी शोल्डर की जगह चाहिए। साथ ही, दोनों ओर दो दो मीटर और जगह वाहनों के किनारे खड़ी करने के लिए छोड़ी जाती है। इस तरह फोर लेन निर्माण के लिए 25 मीटर यानी लगभग 84 फीट जगह चाहिए। पुराने गोला रोड की चौड़ाई कम से कम 90 फीट है।
पुराने कास्तकारों, जोतदारों और बाशिंदों का कहना है कि कहीं कहीं तो गोाला रोड 100 फीट से भी अधिक है। इस तरह देखें तो सरकार को इसे फोर लेन बनाने के लिए किसी की जमीन नहीं लेनी होगी। बस, उसे अपनी जमीन से अतिक्रमण हटाना होगा। इसमें कोई शक नहीं है कि यह बेहद चुनौती भरा टास्क होगा। लेकिन, यह भी सत्य है कि सरकार की इच्छाशक्ति के आगे कहां किसी की चलती है। बड़े बड़े सूरमा घुटने टेक देते हैं। गोाला रोड़ के मामले में भी ऐसा ही कुछ होने जा रहा है।